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एचएमटी फैक्ट्री की बेशकीमती जमीन पर हो रहा अतिक्रमण, उद्योग विभाग की उदासीनता का उठाया जा रहा फायदा

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बैतूल। एक समय देश में बैतूल की एचएमटी फैक्ट्री की अलग पहचान थी। यहां पर हिन्दुस्तान मशीन टूल्स (एचएमटी) घड़ी का निर्माण होता है। किन्हीं कारणों से सरकार ने इस फैक्ट्री को बंद कर दिया था। बैतूल के इटारसी रोड पर स्थित एचएमटी फैक्ट्री की वर्तमान में लावारिस जैसे हालत है। यहां की करोडो कीमत की जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण शुरू कर दिया है। पहले तो यह अतिक्रमण किनारे पर था अब लोग जमीन के अंदर भी घुस कर अवैध कब्ज़ा करने लगे हैं।

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उद्योग विभाग की उदासीनता के चलते यहां पर किए जा रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। यही कारण है कि धीरे-धीरे एचएमटी फैक्ट्री का परिसर अतिक्रमणकारियों के कब्जे में जा रहा है।

1993 में बंद हुई थी फैक्ट्री

घडिय़ों में एक अलग स्थान बनाने वाली एचएमटी घड़ी का नाम भले ही अब नीचे जा रहा हो लेकिन एक समय था जब इस घड़ी का नाम बैतूल से जुड़ा था क्योंकि देश के विभिन्न कोनों से घड़ी के पाट्र्स बैतूल आते थे और एचएमटी फैक्ट्री में इसे असेंम्बल किया जाता था। जानकार बताते हैं कि उस समय इस फैक्ट्री में महिला कर्मचारियों की संख्या ज्यादा रहती थी और उन्हें रोजगार मिलता था। सरकार ने 1993 में फैक्ट्री बंद कर दी। यहां कार्यरत कर्मचारी सरकार के निर्णय के विरोध में न्यायालय में गए थे और इसका निराकरण 2001 में हुआ था। हालंाकि फैक्ट्री हमेशा के लिए बंद हो गई और इसके बाद इसे पर्यटन विभाग को सौंप दिया गया था। 2015-16 में यह फैक्ट्री उद्योग विभाग के पास वापस आ गई थी।

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बेशकीमती है जमीन

इटारसी रोड पर स्थित एचएमटी फैक्ट्री लगभग 6 एकड़ में है। यह जमीन बेशकीमती है। इसकी देखरेख नहीं होने के कारण धीरे-धीरे इसका अस्तित्व समाप्ति की ओर जा रहा है। उद्योग विभाग ने इस बंद एचएमटी फैक्ट्री की ओर ध्यान नहीं दिया जिसके कारण अतिक्रमणकारियों ने पहले पाल पर्दे लगाकर अतिक्रमण किया इसके बाद गुमठी रख दी गई। अब सडक़ किनारे दो दर्जन से अधिक गुमठियां संचालित हो रही हैं। किनारे पर जगह नहीं बचने के कारण लोग परिसर के अंदर पाल पर्दा लगाकर अतिक्रमण कर रहे हैं। स्थिति यह है कि एचएमटी फैक्ट्री परिसर के अंदर दिन और रात में लोग शराब पीते भी नजर आते हैं। पूरे परिसर में शराब की खाली बोतलें भी पड़ी हुई नजर आ रही हैं।

जमीन के दाम आसमान छू रहे

शहर में लोगों को जमीन नहीं मिल रही है। यही कारण है कि जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। वर्तमान स्थिति की बात करें तो व्यवसायिक उपयोग के आने वाली जमीनी के दाम 5 हजार रुपए से 7 हजार रुपए स्क्वेयर फीट हो गए हैं। ऐसी स्थिति में इटारसी रोड पर सडक़ किनारे 6 एकड़ के एचएमटी फैक्ट्री परिसर की जमीन भी संभवत: करोड़ों रुपए की होगी। समय रहते अगर उद्योग विभाग नहीं जागा तो उनकी यह बेशकीमती जमीन का अतिक्रमणकारी लाभ उठाते रहेंगे।
इनका कहना…
भोपाल से अधिकारी आने वाले हैं और अधिकारियों की टीम एचएमटी फैक्ट्री का भी निरीक्षण करेगी। जो अवैध कब्जे किए गए हैं उन्हें हटवाया जाएगा।
रोहित डाबर, जीएम, जिला उद्योग केंद्र, बैतूल
यह जमीन कब्जा मुक्त होना चाहिए। बैतूल विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने भी उद्योग विभाग को पत्र लिखकर यहां पर काम्प्लेक्स निर्माण कराने के निर्देश दिए थे।
विकास मिश्रा, अध्यक्ष, भाजपा गंज मंडल अध्यक्ष

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