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लाल-लाल साड़ी वाली… से गूंजा मेला, गोंडी गीतों पर झूमे सैकड़ों लोग
शिवम इरपाचे म्यूजिकल ग्रुप की शानदार प्रस्तुति, विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके ने भी मंच पर गाकर जीता दिल
भौंरा। लाल-लाल साड़ी वाली ओ मेरी साली…, आ जाना ना चिचोली जोड़ पर…और बेतुल जिला तू लो नवा कैरेक्टर है एक नंबर… जैसे लोकप्रिय गोंडी गीतों की गूंज के साथ मेले का अंतिम दिन रविवार रात यादगार बन गया। शाम 7 बजे से शुरू हुए आदिवासी गोंडी लोकगीत कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुति ने ऐसा माहौल बनाया कि दर्शक देर रात तक झूमते रहे। कार्यक्रम में शिवम इरपाचे गोंडी म्यूजिकल ग्रुप ने मंच संभालते ही दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। गायक बादल इरपाचे, शिवम इरपाचे, श्याम परते एवं गायिका मनीषा परतेती ने एक से बढ़कर एक गोंडी गीत प्रस्तुत किए। वहीं कलाकारों के साथ आई टीम ने पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में जोशपूर्ण नृत्य कर कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। लोकगीतों की धुन पर न केवल कलाकार, बल्कि दर्शक भी खुद को रोक नहीं सके। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने मंच के सामने जमकर नृत्य किया, जिससे पूरा आयोजन स्थल उत्साह और उमंग से भर गया। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके भी मौजूद रहीं। उन्होंने मंच पर पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। खास बात यह रही कि विधायक उईके ने स्वयं गोंडी गीत गाकर दर्शकों का मन जीत लिया, जिससे कार्यक्रम में नया उत्साह देखने को मिला। इस दौरान विधायक ने अपने संबोधन में आदिवासी संस्कृति और गोंडी लोक परंपराओं के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। उन्होंने क्षेत्र में आदिवासी कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
मेले के समापन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम सरपंच मीरा धुर्वे, जनपद सदस्य सुधीर नायक, जय किशोर मिश्रा, उत्तम वर्मा, मनीष खंडेलवाल, सचिव राजू पंडाग्रे, संजीव राठौर, अमित तिवारी, लक्ष्मी नारायण साहू, सुरेश साहू, राजेश साहू, कमलेश जखोदीया, सन्नी राठौर सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।





