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आमला में महिला पत्रकार से अभद्रता का विरोध: पत्रकारों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच
की मांग।
दिल्ली में महिला पत्रकार नफीसा खान और उनके सहयोगी शाहीन खान के साथ कथित अभद्रता, मारपीट और धार्मिक आधार पर भेदभाव के गंभीर आरोपों के विरोध में आमला के पत्रकार एकजुट हो गए हैं। ‘प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स’ (PCWJ) के नेतृत्व में विभिन्न पत्रकार संगठनों और मीडियाकर्मियों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन आमला तहसीलदार ऋचा कोरव और थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर को संयुक्त रूप से सौंपा गया।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
PCWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सैय्यद खालिद कैस के दिशा-निर्देश पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में दिल्ली की घटना की कड़ी निंदा की।
सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख मांग निष्पक्ष पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
विभागीय कार्रवाई:
जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई हो।
सुरक्षा के निर्देश:
देशभर में महिला पत्रकारों सहित सभी मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
’लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं’
इस अवसर पर PCWJ के राष्ट्रीय संगठन महासचिव शशिदीप जी ने कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्रता लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर गंभीर आघात है। उन्होंने बताया कि इस घटना के विरोध में संगठन द्वारा पूरे देश में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।
आमला इकाई के अध्यक्ष मोहम्मद आसीफ लंघा ने पत्रकारों की एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय होने पर सभी संगठन एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
बड़ी संख्या में रहे पत्रकार मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान PCWJ के पदाधिकारी और सदस्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे। प्रमुख रूप से मोहम्मद आसीफ लंघा, वाजिब खान, रिंकू रामपुरे, लोकेश सोनी, मयंक रामपुरे, महेश प्रजापति, अजय बचले, राजेश सूरे, राहुल चौहान, रुपेश सोनी, अनिल साहू और संतोष राठौर समेत कई पत्रकार साथी उपस्थित रहे।





