Panchang: कल 24 दिसंबर 2025, बुधवार का दिन है और इस दिन पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। बुधवार का दिन भगवान श्री गणेश को समर्पित होता है और इसी कारण इसे विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गणपति की पूजा करने से जीवन के सारे विघ्न दूर होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है।
तिथि, नक्षत्र और योग का पूरा विवरण
दृक पंचांग के अनुसार कल की तिथि चतुर्थी रहेगी। नक्षत्र रहेगा धनिष्ठा, जो धन, समृद्धि और यश प्रदान करने वाला माना जाता है। योग की बात करें तो इस दिन हर्षण योग और उसके बाद वज्र योग बनेगा। हर्षण योग में किए गए कार्य शुभ फल देते हैं, जबकि वज्र योग में धैर्य से काम लेना बेहतर रहता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति
कल सूर्योदय सुबह 7:11 बजे और सूर्यास्त शाम 5:30 बजे होगा। वहीं चंद्रमा का उदय सुबह 10:16 बजे और चंद्रास्त रात 9:26 बजे होगा। दिन में चंद्रमा की स्थिति शुभ मानी जा रही है, जिससे पूजा-पाठ और व्रत का विशेष फल प्राप्त होगा।
शुभ मुहूर्त और अशुभ समय जानना है जरूरी
विघ्नेश्वर चतुर्थी के दिन किसी भी शुभ कार्य से पहले शुभ मुहूर्त देखना जरूरी होता है। पूजा, व्रत उद्यापन और गणपति स्थापना के लिए दिन का मध्य समय श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में शुभ कार्यों से बचना चाहिए। दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पहले गणेश जी का स्मरण करें।
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नवग्रहों की चाल और उसका असर
कल ग्रहों की स्थिति इस प्रकार रहेगी—
सूर्य, मंगल और शुक्र धनु राशि में रहेंगे। चंद्रमा मकर राशि, बुध वृश्चिक, गुरु मिथुन, शनि मीन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में विराजमान रहेंगे। ग्रहों की यह चाल नौकरी, व्यापार और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत देती है।





