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प्रकृति कोई पदार्थ नहीं, बल्कि जीवंत चेतना है।

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खबरवाणी

प्रकृति कोई पदार्थ नहीं, बल्कि जीवंत चेतना है।

जन्मदिन पर पौधे रोपकर श्यामराव पाटनकर ने दिया अनूठा संदेश।

आमला ,12 सितंबर 2026

पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए, श्री श्यामराव पाटनकर ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर आमला में आम का पौधा रोपित किया। ‘सार्थक सृजन’ संस्था से प्रेरित होकर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने प्रकृति को केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि एक जीवंत चेतना बताया।

 

“प्रकृति में संपूर्ण पृथ्वी के कल्याण की है सामर्थ्य”

 

पौधरोपण के पश्चात अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री श्यामराव पाटनकर ने कहा, “प्रकृति पदार्थ नहीं, चेतना है, जिसमें जीव जगत के कल्याण की प्रचुर क्षमता है।” उन्होंने आगे कहा कि सार्थक सृजन की प्रेरणा से ही उन्हें यह विचार और इस कार्य को करने की शक्ति मिली है।

 

“हर दिन है जन्मदिन, हर पल हो प्रकृति को समर्पित”

 

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज को एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य का हर दिन जन्मदिन के समान है। हमें अपना प्रत्येक दिन और हर एक पल प्रकृति के संरक्षण और नव-सृजन के कार्यों में लगाना चाहिए, क्योंकि यही सच्चा और सार्थक कार्य है।

 

गणमान्य नागरिकों की रही

विशेष उपस्थिति।

 

इस जन्मदिवस और पौधरोपण सह-पर्यावरण उत्सव में पाटनकर परिवार और स्थानीय नागरिकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।

प्रमुख रूप से उपस्थितजन: श्री श्यामराव पाटनकर, श्र्रीमति दुमडा पाटनकर, नारायण पाटनकर, पुष्पा पाटनकर, अशोक धोटे, जगन्नाथ, गुणता बाई, मालता बाई, संगीता बाई, लखन लाल सोनी, पी.आर. दाने राजेश चौकीकर, विजय सिरसाम, सुभाष वागड्रे पटवारी, हंसराज इंदौरकर, तोष मालवीय, गणपति उबनारे, मोहित पाटणकर और महेश नागपूरे।

 

सार्थक सृजन संस्था की सहभागिता:

 

संस्था की ओर से चंद्रशेखर सोनी और किशोर गुगनानी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए पर्यावरण सं


aaरक्षण का संकल्प दोहराया।

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