Lower Back Pain Home Remedies: आजकल कमर दर्द यानी लोअर बैक पेन हर उम्र के लोगों की आम परेशानी बन गया है। गलत बैठने की आदत, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर काम करना, कमजोरी, मोटापा और पोषक तत्वों की कमी इसके बड़े कारण हैं। कई लोग दर्द होते ही पेनकिलर ले लेते हैं, लेकिन घरेलू उपायों से भी इस दर्द से राहत पाई जा सकती है, वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के।
गरम सिकाई से मिलेगी तुरंत राहत
कमर दर्द में गरम सिकाई सबसे आसान और असरदार उपाय माना जाता है। गर्म पानी की बोतल या गर्म कपड़े से रोजाना 15–20 मिनट कमर पर सेक करें। इससे मांसपेशियों में जकड़न कम होती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। जो लोग ठंड के मौसम में या सुबह उठते ही दर्द महसूस करते हैं, उनके लिए यह तरीका बहुत फायदेमंद है।
सही पॉश्चर अपनाना है सबसे जरूरी
अगर बैठने, खड़े होने या सोने का तरीका गलत है, तो कमर दर्द जल्दी ठीक नहीं होता। कुर्सी पर बैठते समय कमर सीधी रखें और पीठ को सहारा दें। ज्यादा देर तक एक ही पोजिशन में न बैठें। सोते समय बहुत ज्यादा मुलायम या बहुत सख्त गद्दे से बचें। सही पॉश्चर अपनाने से दर्द धीरे-धीरे जड़ से खत्म होने लगता है।
स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज करें
कमर दर्द से राहत पाने के लिए रोजाना हल्की स्ट्रेचिंग बहुत जरूरी है। सुबह उठकर और शाम को कुछ आसान योगासन या स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। ज्यादा भारी एक्सरसाइज करने से बचें। नियमित स्ट्रेचिंग से दर्द कम होता है और दोबारा होने की संभावना भी घटती है।
लहसुन और सरसों के तेल से मालिश
देसी नुस्खों में लहसुन और सरसों का तेल कमर दर्द के लिए रामबाण माना जाता है। सरसों के तेल में 4–5 लहसुन की कलियां पकाकर हल्का गुनगुना करें। इस तेल से सुबह और रात को कमर की मालिश करें। इससे सूजन कम होती है और नसों को आराम मिलता है।
अदरक की चाय और सही खानपान
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो दर्द और सूजन को कम करते हैं। रोज एक कप अदरक की चाय पीने से कमर दर्द में राहत मिलती है। साथ ही अपनी डाइट में साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल, दही, हल्दी, पालक और फाइबर युक्त चीजें शामिल करें। कैल्शियम और विटामिन डी की कमी भी कमर दर्द बढ़ाती है, इसलिए इनका ध्यान रखना जरूरी है।
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कमर दर्द कितने समय में ठीक होता है
अगर कमर दर्द ज्यादा मेहनत या गलत पॉश्चर की वजह से है, तो यह कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों में ठीक हो सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाला दर्द डिलीवरी के बाद कम हो जाता है। मोटापे की वजह से होने वाला दर्द वजन कम होने पर ही पूरी तरह ठीक होता है। अगर दर्द रीढ़ की हड्डी से जुड़ा है, तो ठीक होने में समय लग सकता है और डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है।





