ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली उसके जन्म की तारीख, समय और स्थान के आधार पर बनाई जाती है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति और उनके आपसी संबंध कई तरह के योग बनाते हैं। कुछ योग जीवन में सुख, समृद्धि और तरक्की देते हैं, जबकि कुछ योग अशुभ माने जाते हैं जो इंसान के जीवन में परेशानियां, आर्थिक तंगी और संघर्ष ला सकते हैं। अगर कुंडली में कुछ खास अशुभ योग बन जाएं तो यह व्यक्ति के जीवन पर ग्रहण की तरह असर डालते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ अशुभ योग और उनके देसी उपाय।
ग्रहण योग क्या होता है और इसका असर
ज्योतिष में ग्रहण योग तब बनता है जब चंद्रमा के साथ राहु या केतु आकर बैठ जाते हैं। इस स्थिति को काफी अशुभ माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में ग्रहण योग होता है उन्हें अक्सर मानसिक तनाव, जीवन में रुकावटें और बार-बार असफलता का सामना करना पड़ सकता है। कई बार मेहनत करने के बाद भी सही फल नहीं मिलता।
इस योग के असर को कम करने के लिए एक देसी उपाय बताया गया है। शनिवार या किसी शुभ दिन छह नारियल लेकर उन्हें अपने सिर के ऊपर से सात बार घुमाकर बहते पानी में प्रवाहित कर दें। साथ ही रोजाना आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
दरिद्र योग कैसे बनता है
दरिद्र योग नाम से ही साफ है कि यह योग आर्थिक तंगी से जुड़ा होता है। जब कुंडली में 11वें भाव का स्वामी ग्रह छठे, आठवें या बारहवें भाव में बैठ जाता है तब दरिद्र योग बनता है। ऐसे लोगों को जीवन में पैसों की कमी, बार-बार नुकसान और कर्ज की समस्या झेलनी पड़ सकती है।
हालांकि ज्योतिष में कहा जाता है कि अच्छे कर्म और सही मेहनत से इस योग के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना भी फायदेमंद माना जाता है।
विष योग क्या होता है
जब कुंडली में शनि और चंद्रमा एक साथ आ जाते हैं या शनि की सीधी दृष्टि चंद्रमा पर पड़ती है तो विष योग बनता है। इस योग को काफी कष्टदायक माना जाता है। इससे व्यक्ति को मानसिक बेचैनी, डर, तनाव और जीवन में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे योग के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान हनुमान की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। खासकर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से राहत मिल सकती है।
शनि से जुड़े खास उपाय
अगर कुंडली में शनि की वजह से परेशानी बढ़ रही हो तो शनिवार के दिन एक कटोरे में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखना चाहिए और फिर वह तेल किसी जरूरतमंद को दान कर देना चाहिए। इसे शनि दोष कम करने का सरल उपाय माना जाता है।
साथ ही नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से भी कई तरह के ग्रह दोष शांत होते हैं और मन को शांति मिलती है।
अच्छे कर्म ही सबसे बड़ा उपाय
ज्योतिष शास्त्र में भले ही ग्रहों के योग बताए गए हों, लेकिन कई विद्वानों का मानना है कि इंसान के कर्म सबसे ज्यादा असर डालते हैं। मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक सोच से कई कठिनाइयों को कम किया जा सकता है।
इसलिए अगर कुंडली में कोई अशुभ योग हो भी, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही उपाय, भगवान की भक्ति और अच्छे कर्म से जीवन में धीरे-धीरे सुधार जरूर आता है।
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