Search E-Paper WhatsApp

Knowledge: बाथरूम और वॉशरूम में क्या हैं अंतर ?

By
On:

Knowledge: बाथरूम, वॉशरूम और टॉयलेट, तीनों शब्द अक्सर एक ही उद्देश्य के लिए इस्तेमाल होते हैं, लेकिन इनमें अंतर होता है जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए इन शब्दों के बीच के बुनियादी फर्क को समझते हैं:

  1. बाथरूम (Bathroom):
    • बाथरूम वह जगह होती है जहां मुख्य रूप से नहाने (शॉवर या बाथटब) की सुविधा होती है। इसमें आमतौर पर शौचालय भी होता है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य स्नान करना है।
    • बाथरूम में नहाने के सामान जैसे शॉवर, बाल्टी-मग, साबुन, शैम्पू आदि होते हैं। ऊंची इमारतों या घरों में बाथरूम को विशेष रूप से स्नान के लिए ही बनाया जाता है।
    • भारतीय घरों में अक्सर बाथरूम और टॉयलेट एक ही जगह पर होते हैं, लेकिन आधुनिक समय में दोनों को अलग करने का चलन बढ़ रहा है।
  2. वॉशरूम (Washroom):
    • वॉशरूम में मुख्य रूप से एक सिंक (वॉश बेसिन) होता है, जहां हाथ-मुंह धोए जा सकते हैं। इसमें टॉयलेट सीट भी हो सकती है, लेकिन इसमें नहाने की सुविधा नहीं होती।
    • वॉशरूम आमतौर पर सार्वजनिक स्थानों जैसे मॉल, ऑफिस, सिनेमा हॉल आदि में पाए जाते हैं। इसमें आपको वॉश बेसिन, मिरर, और टॉयलेट सीट मिलेंगे लेकिन स्नान की सुविधा नहीं मिलेगी।
    • यह शब्द खासकर अमेरिका में अधिक प्रचलित है, जहां इसे टॉयलेट का पर्याय माना जाता है। भारत में भी अब वॉशरूम शब्द का चलन बढ़ता जा रहा है, विशेष रूप से सार्वजनिक जगहों पर।
  3. टॉयलेट (Toilet):
    • टॉयलेट वह जगह है जहां शौचालय की सुविधा होती है। इसका मुख्य उद्देश्य शारीरिक उत्सर्जन (मल-मूत्र त्याग) के लिए होता है। यह शब्द दुनिया भर में शौचालय के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है।
    • टॉयलेट में केवल टॉयलेट सीट होती है, और कभी-कभी इसमें सिंक भी हो सकता है, लेकिन नहाने की सुविधा नहीं होती।

संक्षेप में अंतर:

  • बाथरूम: नहाने और शौचालय की जगह।
  • वॉशरूम: सिर्फ हाथ-मुंह धोने और टॉयलेट के लिए।
  • टॉयलेट: केवल शौचालय की सुविधा।

आजकल सार्वजनिक स्थानों पर “वॉशरूम” शब्द का अधिक प्रयोग हो रहा है, जबकि घरों में बाथरूम का।

 source internet साभार…

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News