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विश्व मानवतावादी दिवस पर नन्हे बच्चों के चेहरों पर बिखरी खुशियाँ
बुरहानपुर। विश्व मानवतावादी दिवस के अवसर पर ताप्ती सेवा समिति, द्वारा राजपुरा आंगनवाड़ी में नन्हे-मुन्ने बच्चों को खिलौनों का वितरण किया गया। बच्चों के बीच पहुँचकर उन्हें खिलौने भेंट करने का यह अवसर सेवा, संवेदना और मानवीयता की सुखद अनुभूति से भर देने वाला रहा।
खिलौने पाकर बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान और खुशी ने पूरे वातावरण को भावुक एवं आनंदमय बना दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य प्रेमलता सांकले ने कहा कि समाज सेवा केवल जरूरतमंदों की सहायता करने का माध्यम नहीं, बल्कि किसी के जीवन में खुशी के छोटे-से पल जोड़ने का नाम भी है। बचपन की मुस्कान में भविष्य की उम्मीद छिपी होती है और इन नन्हे बच्चों के साथ खुशियाँ बाँटना अपने आप में एक अनमोल अनुभव है।
डॉ युसुफ खान और मोहन दलाल ने बताया ताप्ती सेवा समिति का प्रयास है कि सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ बच्चों, जरूरतमंदों और समाज के विभिन्न वर्गों तक सेवा एवं संवेदना का संदेश पहुँचाया जाए। समिति का मानना है कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करता है, तभी सच्चे अर्थों में मानवता मजबूत होती है।
इस अवसर पर विनय पुनीवाला, देवचरण शर्मा, धर्मेंद्र सोनी, मंसूर सेवक, नंदकुमार वाणे,राजेश भगत प्रेमलता साकले परेश शाह सहित समाजसेवी उपस्थित रहे।
ताप्ती सेवा समिति, ने विश्व मानवतावादी दिवस पर यह संदेश दिया कि—
“सेवा का सबसे सुंदर रूप वही है, जिसमें किसी के चेहरे पर मुस्कान आ जाए।”





