JH College – बजट आया पर विद्यार्थियों को नहीं मिला लाभ

भाग-2

जेएच कालेज के प्राचार्य पर लापरवाही का आरोप

JH Collegeबैतूल जिले के सबसे बड़े सरकारी जेएच कालेज में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विद्यार्थी हित में चलाई जा रही योजना का विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिल रहा है। इस मामले में जेएच कालेज के प्राचार्य राकेश तिवारी पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। इसको लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई ने भी नाराजगी जताई है। विद्यार्थियों के हित को लेकर दोनों ही संगठन के पदाधिकारियों ने स्टेशनरी और किताब के बजट विद्यार्थियों को दिलाने के लिए आंदोलन की बात की है।

पिछले साल आया था बजट | JH College

उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा एससी और एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को किताब एवं स्टेशनरी के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को 2 हजार रुपए का बजट रखा है। पिछले साल इस योजना का विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिला। बजट आने के बाद भी चला गया। जिसका उपयोग नहीं किया गया। इसकी पुष्टि जेएच कालेज के स्टेशनरी प्रभारी डॉ. बीडी खातरकर ने की है। उन्होंने खबरवाणी से चर्चा में बताया कि पिछले साल मार्च के आखरी समय में ग्लोबल बजट आया था पर सर्वर डाऊन होने के कारण इसे निकाल नहीं पाए। जिस कारण से बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।

जेएच कालेज में पिछले साल एसटी के 3632 विद्यार्थी थे और एससी के 1706 विद्यार्थी थे। जानकार बताते हैं कि समय पर बिल लग गए होते तो बजट मिल जाता लेकिन जेएच कालेज में बजट लगाने में लापरवाही के पहले भी मामले सामने आए हैं। यही कारण है कि प्राचार्य राकेश तिवारी पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।

प्राचार्य को हटाने की करेंगे मांग:एनएसयूआई

जेएच कालेज के एससी और एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को किताब और स्टेशनरी नहीं मिलने पर एनएसयूआई ने नाराजगी जताई है। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष जैद खान ने खबरवाणी से चर्चा करते हुए बताया कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। गरीब विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए सरकार बजट दे रही है लेकिन कालेज के प्राचार्य इस बजट का लाभ विद्यार्थियों को नहीं दिला पा रहे हैं। एनएसयूआई इस मामले को लेकर आंदोलन करेगी और प्राचार्य को हटाने की मांग करेगी।

विद्यार्थियों के नुकसान का समाधान हो: एबीवीपी | JH College

उच्च शिक्षा विभाग की योजना के तहत एससी और एसटी वर्ग के बच्चों को किताब और स्टेशनरी दी जाती है लेकिन जेएच कालेज में प्रक्रिया समय पर ना होने के कारण विद्यार्थी इससे वंचित है। एबीवीपी बैतूल नगर मंत्री सोनू बोरकर ने सांध्य दैनिक खबरवाणी से चर्चा में बताया कि यह मामला संज्ञान में आया है। विद्यार्थियों से चर्चा कर पूरी जानकारी ली जाएगी। अगर प्राचार्य की लापरवाही सामने आती है तो एबीवीपी उन्हें हटाने की मांग करेगी और विद्यार्थियों का जो नुकसान हुआ है उसके समाधान की भी मांग की जाएगी।

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