Islamabad में Iran और United States के बीच हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही। बातचीत फेल होते ही दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हालात अब और ज्यादा तनावपूर्ण नजर आ रहे हैं।
सड़कों पर उतरे लोग, सेना को सपोर्ट
ईरान में हालात गरमा गए हैं और आम लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बड़ी संख्या में लोग सेना के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए सरकार और सेना के साथ खड़े रहना जरूरी है।
राष्ट्रपति का अमेरिका पर बड़ा आरोप
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ तौर पर अमेरिका को वार्ता फेल होने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की “डबल स्टैंडर्ड” और “तानाशाही सोच” की वजह से कोई समझौता नहीं हो सका।
पुतिन से बातचीत, रूस का मिला साथ
ईरानी राष्ट्रपति ने Vladimir Putin से फोन पर बात की। इस दौरान रूस ने भी पश्चिमी देशों की नीतियों पर सवाल उठाए और ईरान की संप्रभुता का समर्थन किया। इससे साफ है कि इस मामले में रूस ईरान के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
किन मुद्दों पर फंसी बात?
सबसे बड़ा विवाद Strait of Hormuz और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araqchi ने कहा कि अमेरिका ने आखिरी समय में शर्तें बदल दीं।
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युद्ध का खतरा या कूटनीति का रास्ता?
हालांकि तनाव बढ़ गया है, लेकिन अभी भी सीजफायर लागू है और दुनिया कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील कर रही है। ऐसे में आने वाले दिन बेहद अहम होंगे—क्या मामला शांत होगा या हालात और बिगड़ेंगे, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।





