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सालबर्डी में पार्किंग ठेके के नाम. पर हो रही अवैध वसूली, कार्रवाई की मांग
ठेकेदार द्वारा गांव में जगह जगह पर ब्रेरिकेट लगाकर की जा रही वसूली
मुलताई । अनुविभाग अंतर्गत शिवधाम सालबर्डी में अनेक धार्मिक स्थल हैं। जिसमे शिवधाम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। वर्तमान में सावन का महीना होने के कारण यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सालबर्डी क्षेत्र को पर्यटन की दृष्ट्रि से ‘बी’ श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन इसी भीड़ का फायदा उठाकर महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश सीमा पर वाहन चालकों से कथित रूप से शुल्क वसूली किए जाने की शिकायत सामने आ रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य प्रबंध ट्रस्टी एवं तहसीलदार प्रभात पटटन द्वारा सालबर्डी मेला ट्रस्ट /2026/78 दिनाकं 11 अगस्त 2026 को रविन्द्र नागरमोते को 15 अगस्त से 15 सितम्बर तक सालबर्डी मंदिर के पास सरकारी भूमि पर वाहन पार्किगं का ठेका दिया गया है। जिसके चलते उन्हे मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्वालुओ की वाहन पार्किग के लिए प्रति वाहन निर्धारित दरो के आधार पर राशि ली जाना था। लेकिन ठेकेदार द्वारा सालबर्डी में आठनेर सहित सभी रास्तो पर ब्रेरिकेट लगाकर जबरन अवैध रूप से वसूली की जा रही है. इस संबध में आए दिन महाराष्ट्र से आने वाले श्रद्वालुओं एवं राहगीरो को तकलीफ का सामना करना पड रहा है। इस संबध में जब ग्राम सरपंच से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया मुझे जानकारी प्राप्त हुई थी मेरे द्वारा उन वसुली करने वालो को रास्ते से हटावाया गया है। वही तहसीलदार यशंवत गिन्नारे ने बताया कि उन्हे इस कृत्य के लिए पूर्व में 2-3 बार रास्ते हटाकर जहां का ठेका दिया गया है वहां वसुली करने को कहा गया है लेकिन वह बार बार वहां आकर वसुली कर रहे है जो कि निविदा का उल्लंधन है। उनके विरूद्व एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी
नागरिकों में नाराजगी
नागरिकों का कहना है कि अधिकृत टोल नाके पर शुल्क वसूली के दौरान शुल्क दर और संबंधित जानकारी उपलब्ध रहती है, लेकिन यहां किस नियम के तहत और किसकी अनुमति से वसूली की जा रही है, यह स्पष्ट नहीं है वही पुछे जाने जाने पर तहसीलदार का जारी किया हुआ पत्र दिखाया जा रहा है । राशि नही दिए जाने पर गाली गलौच की जाती है। संबंधित वसूली के लिए किसकी आधिकारिक अनुमति है, इसकी जानकारी देने वाला कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड दिखाई नहीं देता। वाहन चालकों के अनुसार वसूली करने वालों की ओर से इसे ‘शिवधाम ट्रस्ट के विकास के लिए” लिया जाने वाला शुल्क बताया जाता है।यदि देवस्थान के विकास के लिए धन की आवश्यकता है तो नागरिकों कोच पूरी जानकारी देकर, पारदर्शी और अधिकृत तरीके से शुल्क लिया जाना चाहिए। नागरिकों द्वारा जब इस संबंध में सवाल किया जाता है तो कथित तौर पर यह जवाब दिया जाता है कि “हमने चालीस हजार रुपये जमा करके यह क्षेत्र वसूली के लिए लिया है। आपको जहां शिकायत करनी है, कर सकते हैं।





