Hips Cancer Causes:आज के समय में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और भारत भी इससे अछूता नहीं है। आमतौर पर लोग फेफड़े, स्तन या पेट के कैंसर के बारे में तो जानते हैं, लेकिन कूल्हे यानी हिप बोन में होने वाले कैंसर के बारे में बहुत कम जानकारी रखते हैं। यही वजह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो इलाज काफी हद तक आसान हो सकता है।
कूल्हे का कैंसर क्या होता है
कूल्हे का कैंसर तब होता है जब हिप बोन या उसके आसपास की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। यह बीमारी सीधे हड्डी से शुरू हो सकती है और धीरे धीरे ट्यूमर का रूप ले लेती है। अगर समय पर इलाज न हो, तो चलने फिरने में परेशानी, तेज दर्द और हड्डी टूटने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए शुरुआती पहचान बेहद जरूरी मानी जाती है।
कूल्हे में लगातार दर्द रहना
अगर आपके कूल्हे या उसके आसपास लंबे समय से दर्द बना हुआ है और किसी सामान्य कारण से ठीक नहीं हो रहा, तो इसे हल्के में न लें। शुरुआत में यह दर्द हल्का हो सकता है, लेकिन समय के साथ बढ़ने लगता है। रात के समय दर्द ज्यादा महसूस होना भी एक चेतावनी संकेत हो सकता है। ऐसे दर्द को सामान्य थकान या उम्र का असर समझकर टालना नुकसानदायक हो सकता है।
सूजन या गांठ महसूस होना
कूल्हे के आसपास सूजन आना या किसी तरह की गांठ महसूस होना भी कूल्हे के कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। कई बार यह सूजन दर्द के साथ होती है और कई बार बिना दर्द के भी दिखाई दे सकती है। अगर सूजन धीरे धीरे बढ़ रही है या लंबे समय तक बनी हुई है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
चलने बैठने में परेशानी
कूल्हा शरीर का अहम हिस्सा होता है, जो चलने बैठने और उठने में मदद करता है। अगर चलने में लंगड़ापन आने लगे, बैठने उठने में दर्द हो या पैरों की मूवमेंट सीमित लगने लगे, तो यह भी खतरे का संकेत हो सकता है। कुछ लोगों को लंबे समय तक बैठने में भी दिक्कत होने लगती है।
अचानक वजन कम होना और भूख न लगना
कैंसर के कई प्रकारों में अचानक वजन कम होना एक आम लक्षण है। कूल्हे के कैंसर में भी बिना किसी खास वजह के वजन तेजी से गिर सकता है। इसके साथ भूख न लगना और कमजोरी महसूस होना भी शामिल है। अगर खानपान ठीक होने के बावजूद वजन घट रहा है, तो इसकी जांच जरूरी है।
हल्का बुखार और रात को पसीना आना
अगर आपको बार बार हल्का बुखार आता है या रात के समय ज्यादा पसीना आता है, तो इसे भी नजरअंदाज न करें। दवाइयां लेने के बाद भी बुखार ठीक न होना शरीर में किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है।
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डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है
अगर कूल्हे का दर्द तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक बना रहे, सूजन बढ़ रही हो, चलने फिरने में दिक्कत हो या अचानक वजन कम हो रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। समय पर जांच और इलाज से कूल्हे के कैंसर को गंभीर होने से रोका जा सकता है।





