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पुलिस द्वारा दर्ज की गई धोखाधड़ी की फर्जी एफआईआर उच्च न्यायालय ने की खारिज
मुलताई। नगर में वर्ष 2023 में अधिकारियों से सांठगांठ कर पिता पुत्रो पर पुलिस द्वारा दर्ज की गई फर्जी एफआईआर उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा ख़ारिज कर दी है। अधिवक्ता प्रशांत भार्गव ने बताया वर्ष 2023 में मुलताई निवासी प्रदीप भार्गव द्वारा न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर बिना पिता पुत्रो को सुने एक पक्षीय आदेश करवाकर पुलिस द्वारा धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। जिसके बाद पीड़ित पक्षकारों द्वारा उक्त फर्जी एफआईआर को उच्च न्यायालय जबलपुर में चुनौती देते हुए याचिका प्रस्तुत की थी। उक्त याचिका पर बीते 16 जनवरी 2026 को उच्च न्यायालय के न्यायमुर्ति बीपी शर्मा द्वारा सुनवाई करते हुए उक्त एफआईआर को खारिज कर दिया। अधिवक्ता पियूष भार्गव ने बताया कि नगर के प्रदीप भार्गव द्वारा अधिकारियों से सांठगाठ कर न्यायालय में एक परिवाद में गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत कराया गया था, जिसके बाद न्यायालय द्वारा रामनाथ भार्गव, प्रशांत भार्गव एवं पियूष भार्गव को बिना सुने त्रुटिपुर्ण आदेश पारित कर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए थे । उक्त आदेश के बाद पीड़ित पक्षकार रामनाथ भार्गव, प्रशांत भार्गव एवं पियूष भार्गव द्वारा उक्त एफआईआर को उच्च न्यायालय में चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई थी। जिस पर बीते 16 जनवरी को सुनवाई करते हुए न्यायमुर्ति बीपी शर्मा की न्यायालय द्वारा उक्त एफआईआर को खारिज कर दिया गया । न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि उक्त प्रकरण में पीड़ितों को फंसाया जा रहा है तथा प्रतिवादी पक्ष अपने दावे को साबित करने में नाकाम रहा है। जिसके चलते उक्त एफआईआर को खारिज किया जाता है।
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