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एक्सपर्ट तो हैं, मगर काम में नहीं! जांच अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी में एक्सपर्ट अधिकारियों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि प्लांट में हुए हादसे के बाद जांच के लिए भोपाल से आए अधिकारियों ने मौके पर जाकर निरीक्षण करने के बजाय ऑफिस में बैठकर ही जांच पूरी कर ली।
आरोप है कि सेफ्टी ऑफिसर और एक्सपर्ट अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए जांच अधिकारी को डिस्मेंटल साइट तक नहीं पहुंचने दिया। इस कारण वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी। कर्मचारियों और मजदूरों के बीच यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यदि सही तरीके से जांच होती तो सुरक्षा व्यवस्था की खामियां उजागर हो सकती थीं।
घटना के बाद प्लांट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि लाइव लाइन पर कटिंग जैसे खतरनाक कार्य की अनुमति कैसे दी गई, यह अपने आप में बड़ा प्रश्न है। वहीं, अधिकारियों की लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने न तो मौके का सही निरीक्षण किया और न ही कर्मचारियों से विस्तार से बातचीत की। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
पूरे मामले में अब उच्चस्तरीय जांच की मांग उठ रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके।






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