Electricity Bill – 10 रु. का होल्डर 25 रु.में  खरीद रही ग्राम पंचायत

आठनेर विकास खंड की धामोरी ग्राम पंचायत का खेल

Electricity Bill – बैतूल – ग्राम पंचायतों में किस तरह सरकारी राशि में बंटरबांट की जा रही है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण आठनेर जनपद की ग्राम पंचायत धामोरी में देखने को मिल रहा है। पंचायत द्वारा महज 10 रुपए का होल्डर 25 रुपए में खरीदने का कृत्य किया गया है। यह तो सिर्फ एक प्रमाण है। ऐसे कई और भी उदाहरण मौजूद है जिसमें मनमाने तरीके से खरीदी कर शासकीय राशि को चूना लगाया गया है।

कच्चे बिल पर की खरीदी | Electricity Bill

धामोरी ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए इलेक्ट्रिक सामग्री खरीदी गई। इस खरीदी का बिल पंचायत दर्पण की आईडी क्रमांक 36-0502 पर डला हुआ है। इस बिल में लक्ष्मी इलेक्ट्रिानिक आठनेर का नाम और उनका मोबाइल नं. डला है।

बिल सरपंच/सचिव ग्राम पंचायत धामोरी के नाम पर बनाया गया है। इसमें 37625 रुपए का भुगतान हुआ है। इस बिल पर न तो जीएसटी नंबर है और ना ही यह बिल फर्म का प्रिंट बिल है। देखने में यह बिल कच्चा बिल लग रहा है।

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मनमाने दर पर की खरीदी

ग्राम पंचायत धामोरी में स्ट्रीट लाइट के लिए जो सामग्री खरीदी है उसमें 9 वॉट के एलईडी बल्व 125 रुपए प्रति नग के हिसाब से 135 बल्व खरीदे जिसका भुगतान 16 हजार 875 रुपए किया गया। होल्डर 25 रु. नग से 150 खरीदे जिसका भुगतान 3 हजार 750 रुपए किया गया। वायर 1.5 एम के 8 बंडल खरीदे जिसका 1 हजार रुपए प्रति बंडल के हिसाब से 8 हजार रुपए भुगतान किया गया।

टेप रोल 15 रुपए प्रति नग 30 नग खरीदे जिसका भुगतान 450 रुपए किया गया। एक 20 वॉट का एलईडी बल्व 450 रुपए में खरीदा गया। फिटिंग चार्ज 8 हजार 100 रुपए के हिसाब से टोटल भुगतान 37 हजार 625 रुपए दिखाया गया है।

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बाजार में मिलता है 10 रु. का होल्डर | Electricity Bill

ग्राम पंचायत धामोरी के इस बिल के सामने आने के बाद जब इस इलेक्ट्रिानिक सामग्री की दरें पता की गई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। 9 वॉट के एलईडी बल्व की कीमत बाजार में 90 रुपए हैं। इन्होंने 125 रुपए में खरीदा।

होल्डर की कीमत 10 रुपए है जो कि 25 रुपए में खरीदा। वायर की कीमत 900 रुपए हैं इन्होंने 1 हजार रु. में खरीदा। बाजार में यह दाम ब्रांडेड कंपनियों की सामग्री के हैं जिसमें ग्यारंटी भी है। इस तरह मनमाने दामों से सामग्री खरीदने से साफ है कि कहीं ना कहीं गड़बड़ी है।

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बिल में नहीं है जीएसटी नंबर

जानकार बताते हैं कि सरकारी खरीदी में सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उन्हीं बिलों का भुगतान किया जाएगा जिन पर जीएसटी का नं. अंकित होगा। ग्राम पंचायत धामोरी में लगे लक्ष्मी इलेक्ट्रिानिक आठनेर के बिल में जीएसटी नंबर का उल्लेख नहीं है। यह बिल रेडीमेट बिल है जिस पर हाथ से लिखा गया है। इस बिल पर भी प्रश्र खड़े हो रहे हैं कि उक्त फर्म के दौरान जीएसटी दिया जा रहा है कि नहीं? यह जांच का विषय है।

इनका कहना…

मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। मैं इसकी जानकारी लेकर जांच करवाऊंगा।

केपी राजोरिया , सीईओ, जनपद, आठनेर

हमको इसी रेट पर सामग्री मिली है। महंगी इसलिए लग रही है कि अच्छी क्वालिटी की सामग्री है।

रामकिशोर सोनारे, सचिव, ग्राम पंचायत, धामोरी

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