Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

वृद्धा ने सगे भाई समेत सात लोगों पर लगाया धोखे से जमीन हड़पने का आरोप

By
On:

खबरवाणी

वृद्धा ने सगे भाई समेत सात लोगों पर लगाया धोखे से जमीन हड़पने का आरोप

पेंशन बनवाने के बहाने बैतूल ले जाकर कराया जमीन का सौदा, एसपी से शिकायत

बैतूल। भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा एक संवेदनशील भूमि विवाद सामने आया है, जहां 82 वर्षीय आदिवासी महिला ने अपनी पुश्तैनी कृषि भूमि को कथित रूप से धोखे, छल और आपराधिक षड्यंत्र के माध्यम से हड़प लिए जाने का आरोप लगाते हुए एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। विशेष बात यह है कि यह मामला भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक के गृह ग्राम से जुड़ा बताया जा रहा है,
ग्राम कुण्ड बकाजन निवासी 82 वर्षीय रतनु बाई चौहान ने एसपी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक कृषि भूमि, खसरा क्रमांक 60/2, रकबा 0.809 हेक्टेयर (लगभग 2 एकड़), जो उन्हें पारिवारिक बंटवारे में जीवनयापन और भरण-पोषण के लिए मिली थी, उसे उनके सगे छोटे भाई बाबूलाल कास्दे सहित अन्य लोगों ने कथित रूप से षड्यंत्रपूर्वक अपने नाम करा लिया। रतनु बाई ने स्वयं को अशिक्षित एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की वृद्ध महिला बताते हुए कहा है कि वह अपनी पुत्री और दामाद के साथ रहकर उक्त भूमि पर खेती कर जीवनयापन करती हैं।
शिकायत में कहा गया है कि बाबूलाल भूमि संबंधी सभी तथ्यों से परिचित थे। आरोप है कि उन्होंने वृद्धा पेंशन बनवाने के बहाने रतनु बाई को बैतूल ले जाकर बिना वास्तविक जानकारी दिए कथित रूप से विक्रय पत्र निष्पादित करा लिया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस प्रक्रिया में दो गवाहों, एक सर्विस प्रोवाइडर तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी रही और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर 9 दिसंबर 2025 को पंजीकृत विक्रय पत्र तैयार कराया गया।
रतनु बाई के अनुसार, विक्रय पत्र के आधार पर बाबूलाल ने नामांतरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, जिसके बाद राजस्व प्रकरण दर्ज हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नामांतरण प्रक्रिया के दौरान उन्हें समुचित सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया तथा उनकी आपत्ति दर्ज होने से पहले ही नामांतरण आदेश पारित कर राजस्व अभिलेखों में परिवर्तन कर दिया गया। वृद्धा का कहना है कि उन्होंने 30 दिसंबर 2025 को तहसीलदार भीमपुर के समक्ष लिखित आपत्ति भी प्रस्तुत की थी।
अपने आवेदन में रतनु बाई ने बाबूलाल कास्दे, इरफान, रामाधार, सर्विस प्रोवाइडर धर्मेश, उप पंजीयक कार्यालय के अधिकारी, तहसीलदार तथा संबंधित पटवारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कथित विक्रय पत्र और उसके आधार पर हुए नामांतरण को निरस्त करने तथा पूरे प्रकरण की आपराधिक जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह मामला शिकायत के स्तर पर है और संबंधित पक्षों की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रतनु बाई चौहान का मानना है कि महामहिम राष्ट्रपति, स्वयं आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं, बैतूल आएंगी तो शायद शासन-प्रशासन भी ऐसे मामलों की ओर गंभीरता से ध्यान देगा।

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News