खबरवाणी
राजनेताओं के संरक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारी /कर्मचारी यो का तबादला ना होने के कारण भ्रष्टाचार को मिलता है बढ़ावा दत्तू मेढ़े…
भ्रष्टाचार मुक्त जिला अभियान अंतर्गत दत्तू मेढ़े ने कलेक्टर को निवेदनपत्र दिया, उन्होंने सबंधित स्थापना विभाग को मार्क करते हुये कहा की योजना बनाया जायेगा जल्द ही होगी करवाई का आश्वासन मिला
बुरहानपुर जिले में समय-समय पर भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें एवं मामले सामने आते रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों से आम नागरिकों में शासन एवं प्रशासन के प्रति असंतोष उत्पन्न होता है तथा जिले की छवि भी प्रभावित होती है। इसी के चलते हुए भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तू मेढ़े द्वारा कलेक्टर को लिखित निवेदन किया गया है की जो विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी कई वर्षों से एक ही स्थान पर सदस्य है उसका स्थानांतरण अति आवश्यक है इसी के साथ-साथ उन्होंने यह भी मांग की है कि अधिकारी कर्मचारी की आय से अधिक संपत्ति की भी जांच होना चाहिए और ऐसा पाए जाने पर अवैध संपत्ति शासन के कोषालय में जमा होनी चाहिए ऐसे ठोस निर्णय लेने पर सिस्टम मे सुधार होगा,
भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हमारी सामाजिक संस्था भीम आर्मी द्वारा जनहित में कलेक्टर महोदय के ध्यान आकर्षित किया गया.
मेढ़े ने अपने आवेदन मे ये भी दिया हे की
जिले के विभित्र विभागों में कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान अथवा क्षेत्र में पदस्थ हैं। विशेष रूप से धुलकोट,नेपानगर, खकनार, शाहपुर एवं बुरहानपुर क्षेत्र में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की पदस्थापना एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा किया जाना आवश्यक है।
लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी का स्थानीय स्तर पर प्रभाव बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे एकाधिकार, पक्षपात तथा भ्रष्टाचार की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। आम नागरिकों से ऐसी शिकायतें भी प्राप्त होती रही हैं कि कुछ मामलों में बिना लेन-देन के फाइलों या अन्य कार्यों के लिए भी कठिनाई आती है। क्योंकि यह सब इसलिए संभव हो रहा है क्योंकि राजनेताओं के संरक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारी /कर्मचारी यो का तबादला ना होने के कारण भ्रष्टाचार को मिलता रहा बढ़ावा है. इसीलिए
इन शिकायतों की वास्तविकता की निष्पक्ष जांच खुपिया तौर पर कराया जाना जनहित में आवश्यक है। और आय से अधील संपती को शासन कोष में जमा करना चाहिए .
हमारा मानना है कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध केवल छोटे कर्मचारी पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। यदि किसी विभाग में अनियमितता होती है तो संबंधित वरिष्ठ अधिकारी की प्रशासनिक जिम्मेदारी एवं निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जानी चाहिए।
1. जिले के विभिन्न विभागों में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों की सूची तैयार कराई जाए।
2. नियमानुसार लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण/पदस्थापना की समीक्षा की जाए।
3. भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं से संबंधित प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
4. जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका जांच में प्रथमद्रष्टया मे पाई जाए, उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। 5. संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की
जवाबदेही एवं निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
6. आम नागरिकों की शिकायतों के लिए प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्वित की जाए।
7. आय से अधिक संपत्ति पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाए एवं अवैध संपत्ति या धन शासकीय कोषालय में जमा की जाए
हमें विश्वास है कि आप जिले के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में इस विषय को गंभीरता से लेते हुए “भ्रष्टाचार मुक्त बुरहानपुर” की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे। कलेक्टर को विश्वास जताते हुए कहा कि हम आपके सकारात्मत निर्णय की अपेक्षा है तथा आपके मार्गदर्शन में जिले में प्रशासन एवं शासन व्यवस्था में सुधार की हम आशा करते हैं।





