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ठेका मजदूरों का फूटा आक्रोश — 176 श्रमिक थाना पहुंचे,
काली होली मना कर जताया विरोध
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के पाथाखेड़ा क्षेत्र में ठेका मजदूरों के वेतन भुगतान को लेकर चल रहा विवाद अब उग्र रूप लेता जा रहा है। गुरुवार को लगभग 176 ठेका मजदूर सामूहिक रूप से थाना सारनी पहुंचे और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए लिखित शिकायत सौंप दी। मजदूरों ने वेतन में अवैध कटौती, भुगतान में देरी और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मजदूरों का कहना है कि पिछले 2 से 3 महीनों से नियमित वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घर खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आरोप है कि बार-बार मांग करने के बावजूद ठेकेदारों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
बताया जा रहा है कि 4 फरवरी से मजदूरों, प्रबंधन और ठेकेदारों के बीच वार्ता का दौर जारी था। मजदूरों ने प्रबंधन को 7 दिन का अल्टीमेटम भी दिया था, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इससे आक्रोशित होकर हड़ताल के सातवें दिन मजदूर सीधे थाना पहुंच गए।
श्रमिक नेताओं प्रदीप नागले, संतोष देशमुख और मनोज पवार ने बताया कि क्षेत्रीय महाप्रबंधक से भी कई बार चर्चा की गई, पर कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदारों से संवाद का प्रयास भी विफल रहा। अब मजदूर न्यायिक कार्रवाई और एफआईआर की मांग पर अडिग हैं।
वेतन नहीं मिलने से नाराज मजदूरों ने होली के दिन काले कपड़े पहनकर धरना स्थल पर बैठकर “काली होली” मनाई और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। मजदूरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक पूरा बकाया वेतन बैंक खातों में जमा नहीं होता, वे भूमिगत खदानों में काम पर नहीं लौटेंगे।
आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और श्रमिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज करते हुए आमरण अनशन जैसे कठोर कदम उठाने की चेतावनी दी गई है, जिससे क्षेत्र में श्रमिक असंतोष और गहराने के आसार हैं।





