आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी Cognizant एक बार फिर चर्चा में है। लेकिन इस बार वजह कोई नया प्रोजेक्ट या बड़ा क्लाइंट नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी (Layoffs) है। कंपनी ने अपने नए मिशन ‘Project Leap’ की शुरुआत की है, जिसके तहत काम करने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। इस बदलाव का असर हजारों कर्मचारियों पर पड़ सकता है, खासकर भारत में काम करने वाले आईटी प्रोफेशनल्स पर।
क्या है Cognizant का ‘Project Leap’?
‘Project Leap’ को आसान भाषा में समझें तो यह कंपनी का बड़ा “मेकओवर प्लान” है। अब Cognizant पुराने तरीके छोड़कर AI (Artificial Intelligence) और Automation पर ज्यादा फोकस करना चाहती है। मतलब, जिन कामों को पहले लोग करते थे, अब उनमें मशीन और AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ेगा।
कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित काम ज्यादा तेज, सस्ता और असरदार होगा। इसी वजह से कई पुराने विभागों को छोटा किया जा रहा है या बंद करने की तैयारी चल रही है।
आखिर क्यों हो रही हैं इतनी छंटनियां?
इस Layoff के पीछे तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं। पहला कारण है AI का बढ़ता दबदबा। कंपनियां अब कम लोगों से ज्यादा काम करवाना चाहती हैं। दूसरा कारण है मुनाफा बढ़ाना। रिपोर्ट्स के मुताबिक Cognizant की Profit Margin अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे TCS और Infosys से पीछे चल रही है।
तीसरी बड़ी वजह है अमेरिका और यूरोप में आईटी सेवाओं की धीमी मांग। विदेशी क्लाइंट्स खर्च कम कर रहे हैं, जिसका सीधा असर आईटी कंपनियों की कमाई पर पड़ रहा है।
किन कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार सबसे ज्यादा असर Non-Billing Roles और Mid-Level Managers पर पड़ सकता है। यानी वे कर्मचारी जो सीधे क्लाइंट प्रोजेक्ट्स पर काम नहीं कर रहे या मैनेजमेंट लेवल पर हैं, उनकी नौकरी खतरे में मानी जा रही है।
कंपनी करीब 350 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2900 करोड़ रुपये की बचत करना चाहती है। इसके लिए हजारों कर्मचारियों की संख्या कम की जा सकती है।
नौकरी जाने के बाद कर्मचारियों के पास क्या विकल्प हैं?
हालांकि कंपनी सीधे सभी कर्मचारियों को बाहर नहीं निकाल रही। Cognizant ने Re-skilling पर भी जोर दिया है। यानी कर्मचारियों को Generative AI और नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देकर दूसरे प्रोजेक्ट्स में भेजने की कोशिश होगी।
लेकिन जो लोग कंपनी की नई रणनीति में फिट नहीं बैठेंगे, उन्हें Severance Package देकर बाहर किया जा सकता है। आसान शब्दों में कहें तो नौकरी छोड़ने के बदले कुछ महीनों की सैलरी दी जाएगी।
आईटी सेक्टर के लिए क्या है बड़ा संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ Cognizant की कहानी नहीं है। आने वाले समय में लगभग सभी आईटी कंपनियां AI और Automation की तरफ तेजी से बढ़ेंगी। ऐसे में कर्मचारियों को भी नई स्किल सीखनी होगी, वरना नौकरी बचाना मुश्किल हो सकता है।
फिलहाल टेक इंडस्ट्री में एक ही बात चल रही है — “जो AI सीखेगा, वही आगे टिकेगा।”
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