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अरमान नगर में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे: श्रीमद् भागवत कथा के छटवे दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का हुआ वर्णन
नरसिंहपुर। नगर की अरमान नगर कॉलोनी में शिक्षक हरिओम दुबे के निवास पर आयोजित साप्ताहिक संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के छटवे दिन रविवार को कथा व्यास पंडित अंबिका प्रसाद उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, कालिया मर्दन और गोवर्धन पूजा का अत्यंत भावपूर्ण व संगीतमय वर्णन किया।कथा व्यास पंडित अंबिका प्रसाद उपाध्याय ने गोवर्धन पूजा के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के मान-मर्दन के लिए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने हेतु गोवर्धन पर्वत की पूजा कराई थी। प्रकृति और पर्यावरण ही हमारा सच्चा पोषण करते हैं, इसलिए इनका संरक्षण प्रत्येक मनुष्य का धर्म है। उन्होंने पूतना वध और माखन चोरी लीला का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे हैं, छल-कपट त्याग कर जो भी उन्हें प्रेम से पुकारता है, प्रभु उसके हृदय में वास करते हैं।
कथा के दौरान जैसे ही गोवर्धन लीला और माखन चोरी का सजीव चित्रण भजनों के माध्यम से हुआ, पूरा पंडाल “राधे-राधे” और “गोवर्धन गिरधारी की जय” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्ति भजनों की मधुर धुन पर झूमने को विवश हो गए।
आयोजक शिक्षक हरिओम दुबे एवं उनके परिवार ने कथा व्यास का माल्यार्पण कर विधिवत पूजन-अर्चन किया। कार्यक्रम के अंत में भगवान को छप्पन भोग अर्पित कर आरती की गई तथा उपस्थित सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय कॉलोनीवासी एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





