CBSE 12वीं रिजल्ट आने के बाद देशभर के कई छात्रों ने अपने नंबरों को लेकर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पर छात्रों ने दावा किया कि उन्हें उम्मीद से काफी कम अंक मिले हैं। कई छात्रों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर भी सवाल उठाए। अब इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है, जिससे छात्रों को राहत मिलने वाली है।
छात्रों के विरोध के बाद हरकत में आया शिक्षा मंत्रालय
CBSE रिजल्ट जारी होते ही हजारों छात्र और अभिभावक परेशान दिखाई दिए। कई बच्चों का कहना था कि उन्होंने परीक्षा बहुत अच्छी दी थी, लेकिन नंबर उम्मीद से कम आए। ट्विटर, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छात्रों ने अपनी मार्कशीट शेयर कर गुस्सा जाहिर किया। मामला बढ़ता देख शिक्षा मंत्रालय को सामने आना पड़ा।
शिक्षा सचिव संजय कुमार ने मानी गड़बड़ी
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि कॉपियों की जांच के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। उन्होंने बताया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग के दौरान कुछ उत्तर साफ दिखाई नहीं दिए, जिसकी वजह से नंबर देने में गलती हो सकती है। सरकार ने कहा कि छात्रों के हित को देखते हुए तुरंत सुधार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
13 हजार कॉपियों की होगी दोबारा जांच
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक करीब 13 हजार उत्तर पुस्तिकाओं में स्कैनिंग से जुड़ी समस्या पाई गई। कई कॉपियों में हल्की स्याही या स्कैनिंग की खराब क्वालिटी के कारण जवाब सही तरीके से पढ़े नहीं जा सके। अब इन सभी कॉपियों की मैनुअल री-इवैल्यूएशन यानी हाथ से दोबारा जांच की जाएगी। इससे उन छात्रों को फायदा मिल सकता है जिनके नंबर गलती से कम आए हैं।
क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम?
CBSE ने इस साल कॉपियों की जांच के लिए On-Screen Marking (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल किया। इसमें छात्रों की कॉपियों को स्कैन करके डिजिटल तरीके से जांचा जाता है। बोर्ड का कहना है कि यह सिस्टम नया नहीं है, बल्कि साल 2014 से इस्तेमाल हो रहा है। इस तकनीक से टोटलिंग की गलती पूरी तरह खत्म हो जाती है और रिजल्ट जल्दी तैयार हो जाता है। हालांकि इस बार स्कैनिंग में कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आईं।
छात्रों को बड़ी राहत, फीस में भारी कटौती
CBSE ने छात्रों को राहत देते हुए कॉपी देखने और री-चेकिंग की फीस में बड़ी कटौती कर दी है। पहले उत्तर पुस्तिका की कॉपी देखने के लिए 700 रुपये देने पड़ते थे, लेकिन अब सिर्फ 100 रुपये में छात्र अपनी कॉपी देख सकेंगे। वहीं वेरिफिकेशन फीस भी 500 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दी गई है। इस फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों को सीधा फायदा मिलेगा।
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