Cancer Causes: ब्रेड लगभग हर घर में खाई जाती है। नाश्ते में लोग इसे इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इसे बनाने में कम समय लगता है। कई लोग तो इसे बिना पकाए ही खा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सफेद ब्रेड (White Bread) का ज्यादा सेवन कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मैदा से बनी ब्रेड सेहत के लिए हानिकारक होती है। इसमें मौजूद फाइबर की मात्रा बेहद कम हो जाती है और यही कारण है कि इसका लगातार सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की वजह बन सकता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
दिल्ली के Cancer Healer Center के डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा बताते हैं कि पेट और आंतों का कैंसर हमारी खानपान की आदतों पर निर्भर करता है। इसमें सफेद ब्रेड सबसे बड़ा कारण बन रही है। यही नहीं, पैकेज्ड जूस भी खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब ताजे फल महंगे हैं तो 1 लीटर जूस सस्ते में कैसे मिल सकता है? दरअसल ये जूस प्रोसेस्ड होते हैं जिनमें सिर्फ शुगर और आर्टिफिशियल कलर्स होते हैं, जो कैंसर को बढ़ावा देते हैं।
कोलन कैंसर का बढ़ता खतरा
Cancer Research UK की रिपोर्ट के अनुसार साबुत अनाज (Whole Grains) का सेवन करने से कैंसर का खतरा घटता है। लेकिन जब सफेद ब्रेड, सफेद चावल और पास्ता जैसे फूड्स खाए जाते हैं तो इनसे कोलन कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है। क्योंकि इनको बनाने में रिफाइनिंग प्रोसेस से गुजारा जाता है और पॉलिशिंग के बाद इनके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।
कोलन कैंसर क्या है और इसके लक्षण?
मैक्स हेल्थकेयर के डॉ. कुमारदीप दत्ता चौधरी बताते हैं कि कोलन कैंसर आंतों का कैंसर है। यह बड़ी आंत में बनता है जहां छोटी ग्रंथियां ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। इसके लक्षण हैं –
- पेट दर्द या ऐंठन
- कब्ज या दस्त
- मल में खून
- वजन घटना
- कमजोरी या थकान
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कैंसर से बचाव के उपाय
- आहार में फाइबर, फल और सब्जियों की मात्रा बढ़ाएँ।
- सफेद ब्रेड, जंक फूड और प्रोसेस्ड मीट कम खाएँ।
- रोजाना व्यायाम करें।
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएँ।
- ब्रेड खानी ही हो तो मल्टीग्रेन ब्रेड चुनें, लेकिन रोजाना न खाएँ।