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पेटी पर पेटी का खेल:लोकल ठेकेदार व मजदूर में आक्रोश व्याप्त
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी। क्षेत्र के 660 मेगावाट पावर प्लांट में लोकल ठेकेदारों का शोषण होने के लगाए आरोप,आंदोलन की आग तेजी से बढ़ते हुए देखी जा रहा है। बैतूल जिले के सारनी स्थित 660 मेगावाट नए पावर प्लांट परियोजना में ठेका कार्यों को लेकर स्थानीय ठेकेदारों और मजदूरों में भारी आक्रोश पनप रहा है। आरोप है कि बड़ी कंपनियों द्वारा “पेटी पर पेटी” का ठेका सिस्टम चलाकर स्थानीय ठेकेदारों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पावर प्लांट का मुख्य कार्य बीएचईएल भोपाल को दिया गया है, जिसके बाद यह कार्य नागपुर की कंपनियों तक पहुंचते हुए कई स्तरों पर सबलेट किया जा रहा है। आरोप है कि हर स्तर पर 10-10 प्रतिशत कमीशन काटा जा रहा है, जिससे 1 लाख रुपये का काम स्थानीय ठेकेदारों को मात्र 50 हजार रुपये तक में दिया जा रहा है।
स्थानीय ठेकेदारों का कहना है कि कंपनियां “काम पूरा होने के बाद ही एकमुश्त भुगतान” की शर्त रख रही हैं, जिससे छोटे ठेकेदार आर्थिक संकट में आ रहे हैं। वहीं, काम नहीं लेने पर बाहरी मजदूर और ठेकेदार बुलाने की चेतावनी दी जा रही है।
सतपुड़ा ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष नागेंद्र निगम ने आरोप लगाया कि नागपुर की कंपनियां सारनी में करोड़ों का फायदा कमा रही हैं, जबकि स्थानीय ठेकेदारों को घाटे में काम करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 60 लाख लागत वाले लेबर कॉलोनी निर्माण कार्य को पेटी सिस्टम के जरिए 35 से 40 लाख रुपये में स्थानीय ठेकेदारों को दिया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय मजदूरों और ठेकेदारों को उचित दरों पर कार्य नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में सारनी पावर प्लांट के सामने बड़ा आंदोलन और काम बंद हड़ताल हो सकती है।





