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Big Accident : डब्ल्यूसीएल की तवा-1 खदान में पत्थर गिरने से दो कामगारों की मौत, एक घायल

सारनी (हेमंत सिंह रघुवंशी)-वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) की पाथाखेड़ा में स्थित तवा-1 कोयला खदान में शुक्रवार रात हुए हादसे में दो कामगारों की मौत हो गई। जबकि एक घायल हो गया।

बताया जा रहा है कि 30 वर्षीय चैतराम वरकड़े सपोर्ट मजदूर डब्ल्यूसीएल कर्मी था। जबकि भोला ठेका मजदूर था। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वही कामगार सुनील के दाहिने पैर में चोट लगी है। हादसा बगडोना क्रॉस कट 57 लेवल में सपोर्ट लगाते समय हुआ।

हादसा मुहाने से भूमिगत खदान में करीब 3 किलोमीटर दूर हुआ। यहां डेवलपमेंट का काम चल रहा था। हादसा रूफ वोल्टिंग की खराब गुणवत्ता की वजह से भी हो सकता है। खदान में हादसे की खबर जंगल की आग की तरह पूरे पाथाखेड़ा क्षेत्र के अलावा डब्ल्यूसीएल और कोल इंडिया में फैल गई। यूनियन नेता व कोल कर्मी खदान और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते देर रात तक अस्पताल में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसी बीच सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुँच गया। प्रबंधन ने भी अस्पताल की ओर रुख किया। जीएम से लेकर एपीएम और सभी खदानों के सब एरिया, मैनेजर भी अस्पताल पहुँचे। जहां दो कामगारों की मौत से सभी की आंखें नम रही। वहीं घायल मजदूर का इलाज चल रहा है।

भूमिगत कोयला खदान में हादसे की खबर लगते ही रेस्क्यू वेन लेकर टीम खदान पर पहुँची। साथ ही तीन एम्बुलेंस भी मौके पर पहुँची। इसके बाद तीन अलग अलग एम्बुलेंस से मृतकों और घायल को अस्पताल लाया गया। जांच उपरांत चिकित्सकों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं घहल सुनील का इलाज चल रहा है। खदान में हादसा का सही समय 10:20 बजे बताया जा रहा है। लेकिन खदान से पहली बॉडी 12:03 बजे अस्पताल पहुँची। दूसरी बॉडी 12:08 और घायल को 12:40 बजे अस्पताल लाया गया।

खदान सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बगडोना क्रॉस कट 57 लेवल में डेवलमेंट के समय स्पोट लगाते वक़्त करीब तीन मीटर लंबा और एक फ़ीट चौड़ा पत्थर अंबाडा निवासी स्पोट मजदूर चैतराम और खैरवानी निवासी ठेका मजदूर भोला पर गिर गया। पत्थर के नीचे दबने से दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जहां हादसा हुआ। वहां रूफ के आगे-पीछे सपोट नहीं था। सूत्र यह भी बताते हैं कि रेजिंग कैप्सूल का उपयोग किया जाना चाहिए। लेकिन पाथाखेड़ा क्षेत्र में सीमेंट कैप्सूल का उपयोग किया जा रहा। जबकि पाथाखेड़ा क्षेत्र में रेजिंग वाली रेडिएंट मशीन उपलब्ध है पर उपयोग में नहीं लाई जा रही।

कोयला खदान में हादसा और दो लोगों की मौत की खबर लगते ही एसडीओपी रोशन जैन, टीआई रत्नाकर हिंग्वे, चौकी प्रभारी राहुल रघुवंशी दल बल के साथ डब्ल्यूसीएल सप्ताल पहुचे। इसके बाद टीआई के निर्देश परमौके का निरीक्षण कर मौका नक्शा बनाने दो पुलिस कर्मी रात में ही खदान में उतरे। जबकि एसडीओपी और टीआई खदान के मुहाने पर डटे रहे। इधर पाथाखेड़ा जीएम, एपीएम भी रात में तवा-1 खदान पहुचे।

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