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Betul News – कार्तिक पूर्णिमा, गुरुनानक जयंती और मनाई मां माचना जयंती

विधायक निलय डागा ने निकाली चुनरी यात्रा, आस्था की डुबकी लगाने के लिए नदियों के तट पर पहुंचे हजारों श्रद्धालु

Betul News – बैतूल – जिले में आज त्यौहारों की बयार आ गई है। श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा के त्यौहार के साथ-साथ गुरुनानक जयंती, माँ माचना जयंती धूमधाम से मनाई। वहीं प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी विधायक निलय डागा ने सत्पत्नीक चुनरी यात्रा का आयोजन किया। चुनरी यात्रा बैतूल से निकलकर खेड़ी ताप्ती पहुंची जहां यात्रा का समापन हुआ। इसके अलावा शाहपुर में भी धूमधाम से माँ माचना जयंती का आयोजन किया गया। यहां पर माँ माचना की प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई जो कि नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी तो वहीं बैतूल जिला मुख्यालय पर शाम को फिल्टर प्लांट के पास 5 हजार दीपों का दीपदान किया जाएगा। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भैंसदेही क्षेत्र में पूर्णा नदी में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां पर मेले का आयोजन भी प्रारंभ हो गया है। मुलताई में ताप्ती के उद्गम स्थल पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और ताप्ती सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा अर्चना की।

हजारों श्रद्धालु ने लगाई ताप्ती सरोवर में डुबकी

मुलताई। कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं मॉ ताप्ती सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य फल प्राप्त किया। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर संपूर्ण जिले सहित दूसरे प्रदेशों विशेष तौर से महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां ताप्ती के पवित्र सरोवर में स्नान करने के लिए ताप्ती तट पर पहुंचे। इस वर्ष रविवार शाम से ही ताप्ती स्नान के लिए श्रद्धालुओं का ताप्ती तट पहुंचाना शुरू हो चुका है, सैकड़ो श्रद्धालु देर रात में ही मुलताई पहुंच चुके थे। माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर ताप्ती स्नान करने से समस्त कष्टो का निवारण हो जाता है और असीम पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर दूर-दूर से लोग मां ताप्ती स्नान एवं दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इसके साथ ही ताप्ती मेले का भी शुभारंभ होता है। लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाला ताप्ती मेला करीब एक सप्ताह बाद लगने लगा। कार्तिक पूर्णिमा पर जिले में अन्य स्थलों पर लगने वाले 3 दिवसीय,7 दिवसीय मेले के बाद व्यापारी मुलताई पहुचते है और तब जाकर मेला भरता है।

बैतूल से खेड़ी ताप्ती तक निकली चुनरी पदयात्रा

बैतूल। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आज सूर्य पुत्री जीवनदायिनी मां ताप्ती की चुनरी पदयात्रा बैतूल से खेड़ी ताप्ती घाट तक निकाली गई। यहां मां ताप्ती को 111 मीटर की चुनरी चढ़ाई। विधायक निलय डागा व उनकी धर्मपत्नी दीपाली डागा के नेतृत्व में यह चुनरी पदयात्रा निकाली गई। श्री डागा ने बताया की चुनरी पदयात्रा के माध्यम से जिले के किसानों को प्राकृतिक आपदा से बचाने और जिले की खुशहाली की मन्नत मांगी गई। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष निकाली जाने वाली पदयात्रा में ताप्ती भक्त निलय डागा के साथ उनकी धर्मपत्नी दीपाली डागा भी ताप्ती घाट तक श्रद्धालुओं के साथ पदयात्रा करती हैं। उनकी इसी आस्था और मनोबल को देखते हुए महिलाओं ने भी ताप्ती तक पदयात्रा करना शुरू कर दिया है।

पदयात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए श्री डागा ने बताया कि नर्मदा परिक्रमा यात्रा से प्रेरित होकर वे बैतूल जिले में लगातार सातवें वर्ष यात्रा कर रहे हैं। वे यह यात्रा जिले में खुशहाली के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि विगत 7 वर्षों से यह यात्रा विशुद्घ धार्मिक भावना से निकाली जा रही है। यात्रा में शामिल होने के लिए सभी को आमंत्रित किया गया है। खेड़ी घाट में ताप्ती मैया को चुनरी चढ़ाने के बाद भंडारा प्रसादी का वितरण किया गया। चुनरी यात्रा कोठीबाजार लल्ली चौक स्थित प्राचीन शिव मंदिर से सुबह 7 बजे शुरू हुई। यहां से थाना चौक, टिकारी अखाड़ा चौक, कारगिल चौक, सदर, दनोरा, भडूस, महदगांव, डहरगांव, खेड़ी सांवलीगढ़ होते हुए ताप्ती घाट पहुंची। खेड़ी ताप्ती घाट पर श्रद्धालुओं के भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। श्री डागा ने बताया कि सभी श्रद्घालुओं को भोजन प्रसादी वितरित करवाई गई।

गुरूनानक जयंती पर कीर्तन के साथ हुआ लंगर

बैतूल। सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव जी का 554वां प्रकाश पर्व आज श्रद्धा व सत्कार के साथ मनाया गया। गुरु पूरब के अवसर पर आज गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा बैतूल में विशाल ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया गया। कैंप का आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा बैतूल में 26 नवम्बर की शाम से ही धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए थे। गुरु पूरब के अवसर पर गुरुद्वारा में कीर्तन करने के लिए अमृतसर से विशेष तौर पर कीर्तन जत्था भाई हरमीत सिंघ खालसा पहुंचे थे जिन्होंने अपनी अमृतमयी बाणी से श्रद्धालुओं को निहाल कर दिया। सतगुर नानक परगटया मिटी धुंध जग चानण होया जो कर सूरज निकलया तारे छपे अंधेर पलोआ अमृतवाणी से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया था।

गुरुद्वारा कमेटी से मिली जानकारी अनुसार गुरुद्वारे में आज सुबह 11 बजे से कीर्तन शुरू हुआ जो दोपहर 1 बजे तक चला। दोपहर 1 बजे से गुरु का लंगर शुरू हुआ जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। इसके साथ ही आज शाम को ही विशेष कीर्तन दीवान और गुरु का लंगर हुआ जो रात्रि 9 बजे तक चला। गुरुद्वारा कमेटी ने बताया हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु नानक जयंती का पर्व मनाया जाता है। इतिहासकारों के अनुसार 15 अप्रैल 1469 की कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुुरु नानक का जन्म हुआ था। गुरु नानक देव जी को सिख धर्म का संस्थापक माना जाता है। इसी कारण हर साल उनके जन्मदिन को गुरु पूरब या प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरुद्वारा में विभिन्न कार्यक्रम के साथ-साथ कीर्तन का आयोजन किया जाता है।

आज 5 हजार दीपों से जगमगाएगा माचना घाट

बैतूल। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आज मां माचना जन्मोत्सव समिति के तत्वावधान में मां माचना एवं सिखों के प्रथम गुरु गुरू नानक जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस पर्व को मनाने माचना जन्मोत्सव समिति एवं नगरवासियों ने तैयारिया पूर्ण कर ली हैं। समिति के संयोजक आनंद प्रजापति ने बताया कि इस वर्ष माचना जयंती के 3 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, इसलिए इस पर्व को बड़ी श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। जन्मोत्सव कार्यक्रम के तहत दोपहर 2 से 5 बजे तक माचना घाट एनीकेट पर संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। शाम 5 से 6 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। अतिथि उद्बोधन के बाद दीपोत्सव मनाया जाएगा। इसके तहत सैकड़ो श्रद्धालुओं द्वारा माचना घाट पर 5 हजार दीपक प्रज्वलित किए जाएंगे। इनमें 3 हजार दीपक घाट पर प्रज्वलित करेंगे, वहीं 2 हजार आटे के दीपक का दीपदान मेहुल के पत्तों पर होगा। मां माचना की आरती के बाद आकर्षक आतिशबाजी होगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्गादास उइके सांसद, हेमंत खंडेलवाल पूर्व सांसद, अध्यक्षता पार्वती बाई बारस्कर नपाध्यक्ष, विशेष अतिथि मोहन नागर शिक्षा विद् एवं आदित्य शुक्ला भाजपा जिलाध्यक्ष रहेंगे।

मां मांचना को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए मां मांचना जन्मोत्सव समिति द्वारा यह अभिनव पहल की गई है। इस अभियान में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शहर के विभिन्न वार्डों में समिति से जुड़ी महिलाओं ने मेहुल के पत्तों से बने दोने वितरित किए। श्रद्धालुओं द्वारा दोने पर दीपदान किया जाएगा। समिति की इस पहल से माचना नदी स्वच्छ एवं निर्मल रहेगी। गौरतलब है कि पूर्व में श्रद्धालुओं द्वारा डिस्पोजल पर दीपक रखकर दीपदान किया जाता था, इससे समिति का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पा रहा था। इसको देखते हुए समिति ने इस वर्ष यह सार्थक पहल की है इससे लोगों की आस्था के साथ ही नदियों को स्वच्छ रखने का भी संदेश जाएगा। समिति के नरेश लहरपुरे ने बताया कि माचना जन्म उत्सव समिति के विशेष आमंत्रण पर नगर की जनता, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी माचना घाट पर उपस्थित रहेंगे।

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