खबरवाणी
पानी की टंकी पर बने मधुमक्खियों के छत्तों से साप्ताहिक बाजार में भगदड़
हमले से कई लोग घायल, सब्जी लेने आए पिता-पुत्री भी बाल-बाल बचे; पास के स्कूल में खिड़कियां बंद कर बच्चों को सुरक्षित किया गया,पंचायत से छत्ते हटाने की मांग
भौंरा। नगर के साप्ताहिक बाजार में शुक्रवार को पानी की टंकी पर बने मधुमक्खियों के छत्तों के कारण अचानक भगदड़ की स्थिति बन गई।मधुमक्खियों का झुंड बिखरने से बाजार में मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए और कई लोगों को मधुमक्खियों ने काट लिया। करीब एक से दो घंटे तक बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। घटना के बाद स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने पंचायत व प्रशासन से टंकी पर बने छत्तों को तत्काल हटाने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी की टंकी पर पिछले कई दिनों से मधुमक्खियों के तीन बड़े-बड़े छत्ते बने हुए हैं।शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार होने के कारण यहां हजारों की संख्या में ग्रामीण खरीदारी करने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड फैल गया, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। सब्जी खरीदने अपनी 10 वर्षीय बेटी के साथ बाजार आए योगेंद्र ने बताया कि वह सब्जी लेकर लौट रहे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि किसी तरह पास में रखी सब्जी की खाली क्रेट के नीचे अपनी बेटी को ढककर सुरक्षित किया और वहां से भागकर जान बचाई। मधुमक्खियों के हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए। इनमें सचिन गुप्ता निवासी शाहपुर, दिलीप चोपना, विनोद निवासी भौंरा, रामभरोस निवासी इटारसी तथा गोपाल बैरागी निवासी तवाकाटी शामिल हैं, जिन्हें मधुमक्खियों ने काट लिया।
राजू गुप्ता निवासी शाहपुर ने बताया कि उनकी दुकान भी पानी की टंकी के नीचे लगती है। अचानक मधुमक्खियों का झुंड बिखर गया और लोगों में भगदड़ मच गई। उन्होंने बताया कि उन्हें भी दुकान छोड़कर भागना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद कई मधुमक्खियों ने उन्हें काट लिया। करीब एक से दो घंटे बाद स्थिति कुछ सामान्य हो पाई, तब जाकर लोग और दुकानदार दोबारा अपनी दुकानों पर लौट सके।
घटना के दौरान पास स्थित स्कूल में भी सतर्कता बरती गई। भगदड़ जैसी स्थिति की आहट मिलते ही शिक्षकों ने तुरंत स्कूल की सभी खिड़कियां बंद करवा दीं, जिससे वहां पढ़ रही बालिकाओं सहित किसी भी छात्र को नुकसान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र के पास ही स्कूल संचालित होता है और साप्ताहिक बाजार के दिन यहां भारी भीड़ रहती है। ऐसे में यदि समय रहते पानी की टंकी पर बने मधुमक्खियों के छत्तों को नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों और दुकानदारों ने पंचायत एवं प्रशासन से इस गंभीर समस्या का तुरंत समाधान कराने की मांग की है।
इनका कहना
पानी की टंकी पर मधुमक्खियों के छत्ते पहले भी बन चुके हैं, जिन्हें पंचायत द्वारा दो-तीन बार हटवाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि छत्ते हटाने के बाद कुछ समय में मधुमक्खियां फिर किसी दूसरी जगह नया छत्ता बना लेती हैं। पंचायत द्वारा एक बार फिर मधुमक्खियों के छत्तों को हटवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे, ताकि बाजार आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मीरा धुर्वे
सरपंच ग्राम पंचायत भौंरा





