Friday, August 19, 2022
spot_img
HometrendingBaarish Ka Asar : मुलताई में डेम की दीवार का हिस्सा बहा,...

Baarish Ka Asar : मुलताई में डेम की दीवार का हिस्सा बहा, आठनेर में चेक डेम फूटा, शाहपुर में जामुनढाना गांव के ग्रामीणों का रास्ता हुआ बंद

मुलताई/आठनेर/शाहपुर{Baarish Ka Asar} – पिछले दिनों हुई बारिश के चलते तबाही के नजारे सामने आने लगे हैं। कही डेम की दीवार का हिस्सा बहा तो कहीं चेक डेम फूटने से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। एक गांव ऐसा है जहां पुल नहीं होने के कारण आवागमन बंद हो गया है।

डेम की दीवार का हिस्सा बहा

मुलताई के हतनापुर-डहरगांव-चिचंडा जोड़ पर बने डेम की दीवार एक ओर से बह गई है। पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद डेम की दीवार बहने से डेम के फूटने खतरा पनप रहा है। किसानों ने बताया कि अगर अब एक भी तेज बारिश हुई तो डेम फूट जाएगा। किसानों ने इस दीवार की मरम्मत की मांग की है। किसानों ने बताया कि उक्त डेम 2009 में बनाया गया था। डेम का केचमेंट एरिया भी अच्छा है,आसपास के हजारों किसान इस पर आश्रित रहते हैं, अगर डैम फूट गया तो कई किसानों के खेत बह जाएंगे। किसानों ने बताया कि मंगलवार- बुधवार को क्षेत्र में तेज बारिश हुई थी जिससे कि डैम की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है।

डेम की दीवार पर उग गई झाड़ियां, रख-रखाव पर नहीं ध्यान

इस डेम के रखरखाव पर विभाग का कोई ध्यान नहीं है, हालत यह है कि डेम की दीवार पर बड़ी बड़ी झाड़ियां और घास उग गई है। किसानों ने बताया कि पंचायत से भी कई बार डेम दीवार पर उगी झाड़ियों और घास हटाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। घास और झाड़ियां होने से डेम की दीवार में लगातार पानी रिस रहा है जिससे की दीवार कमजोर हो गई है और एक और से बह गई है।

चेक डेम फूटने से फसल हुई बर्बाद

आठनेर विकासखंड के केलबेहरा ग्राम पंचायत में बारिश होने के कारण चेक डेम फूट गया है जिसके कारण दो किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। केलबेहरा निवासी सुभाष इवने और दिलीप इवने के खेत में दो साल पहले ग्राम पंचायत ने चेक डेम बनाया था जो बारिश के चलते फूट गया है। चेक डेम फूटने से सुभाष इवने और दिलीप इवने की लगभग दो एकड़ खेत में लगी तुअर बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। आरोप है कि चेक डेम का निर्माण घटिया तरीके से हुआ था जिसके कारण बारिश नहीं झेल पाया और उसका हिस्सा टूटने से पानी खेतों में पहुंच गया। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने और नुकसान के सर्वे कराने की मांग की है। आठनेर जनपद पंचायत के सीईओ केदार राजोरिया से जब खबरवाणी ने चेक डेम फूटने को लेकर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि अभी तक इस तरह की कोई जानकारी उनके पास नहीं आई है। जानकारी आने के बाद चेक डेम फूटने को लेकर जांच कराई जाएगी।

टापू बन गया गांव

शाहपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पावरझंडा के अंतर्गत आने वाला जामुनढाना गांव का चारों दिशा से सम्पर्क टूट गया है। ग्रामीणों के लिए बारिश मुसीबत बनकर आई। दरअसल जामुनढाना गांव बारिश के समय टापू में तब्दील हो जाता है। इस गांव को नदी चारों तरफ से घेर लेती है। जिसके कारण ग्रामीणों का गांव से आवागमन बंद हो जाता है। ग्रामीणों से हमेशा झूठे वादे करके वोट लिए जाते हैं कि अगर हम जीतते हैं तो यहां पर पुल का निर्माण किया जाएगा परन्तु हकीकत यह है कि जितने के बाद यहां कोई नेता मुड़कर नहीं देखता है। जयस के प्रवक्ता अंकुश कवड़े ने बताया कि ग्रामीण चारों तरफ से नदी में आई बाढ़ से घिरे हुए हैं आपातकालीन स्थिति में वहा से निकलना भी संभव नहीं है । बाढ़ आने से ग्राम में संचालित प्राइमरी और मिडिल स्कूल बंद होने से छात्रों को नुकसान क्योंकि शिक्षक भी नदी पर पुल नहीं होने से ग्राम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं श्री कवड़े ने मांग की है कि शासन और प्रशासन को ग्रामीणों की आवाजाही शुरू करने हेतू अस्थाई व्यवस्था करना चाहिए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments