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गर्मी बढ़ते ही सजा देसी ‘फ्रिज’ का बाजार, मटकों की मांग बढ़ी
बुरहानपुर। शहर में गर्मी का असर धीरे-धीरे तेज होने लगा है। दोपहर के समय धूप की तपन इतनी बढ़ जाती है कि लोग बेवजह घरों से निकलना कम कर चुके हैं। हालांकि जरूरी कामकाज के चलते लोगों को तेज धूप में बाहर निकलना ही पड़ता है। ऐसे में गर्मी से राहत पाने के लिए शहर के बाजारों में देसी फ्रिज कहे जाने वाले मिट्टी के मटकों की दुकाने सजने लगी हैं।
शहर के विभिन्न बाजारों और सड़कों किनारे इन दिनों मिट्टी के मटकों की बिक्री शुरू हो गई है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए ये मटके किसी फ्रिज से कम नहीं माने जाते। मिट्टी के मटकों में रखा पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा हो जाता है, जिससे तेज गर्मी और धूप की तपन में भी लोगों को ठंडे पानी का स्वाद मिलता है। यही कारण है कि हर साल गर्मी के मौसम में इनकी मांग बढ़ जाती है।
मटके बेचने वालो का कहना है कि इस साल भी बाजार में मटके आना शुरू हो गए हैं, लेकिन अभी बिक्री में पिछले साल जैसी तेजी नहीं दिख रही है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, वैसे-वैसे मांग बढ़ने की उम्मीद है।
कीमतों की बात करें तो इस समय बाजार में छोटे-बड़े मटके करीब 150 रुपये से लेकर 200 रुपये तक में बिक रहे हैं। आम लोग अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार मटके खरीद रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कटौती और महंगे फ्रिज के कारण आज भी मिट्टी के मटकों की उपयोगिता बनी हुई है। प्राकृतिक तरीके से ठंडा पानी देने वाले ये मटके न केवल सस्ते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं।
गर्मी के बढ़ते मौसम के साथ ही बुरहानपुर में देसी फ्रिज यानी मिट्टी के मटकों का बाजार फिर से गुलजार होता दिखाई दे रहा है।





