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आमला। रात के अंधेरे में विवादित जमीन पर भूमि पूजन: आमला विधायक के कार्यक्रम पर उठे सवाल, मामला कोर्ट में विचाराधीन

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खबरवाणी

आमला। रात के अंधेरे में विवादित जमीन पर भूमि पूजन: आमला विधायक के कार्यक्रम पर उठे सवाल, मामला कोर्ट में विचाराधीन

नांदपुर में 15 लाख के सामुदायिक भवन का मामला; ग्रामीणों ने पूछा- जब जमीन पर विवाद था तो विकल्प क्यों नहीं चुना?

आमला | ग्राम नांदपुर में 15 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमि पूजन विवादों के घेरे में आ गया है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने शुक्रवार देर रात करीब 8 बजे इस भवन की आधारशिला रखी, लेकिन समय और स्थान दोनों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस जमीन पर निर्माण प्रस्तावित है, उसका मामला फिलहाल तहसील न्यायालय में चल रहा है। कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद आनन-फानन में किए गए इस निर्माण कार्य की शुरुआत ने प्रशासन और पंचायत की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: ‘अंधेरे में पत्थर रखने की क्या थी जल्दी?’

भूमि पूजन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का तर्क है कि जब गांव में अन्य सरकारी जमीन उपलब्ध थी, तो प्रशासन ने विवादित स्थल को ही क्यों चुना? देर रात कार्यक्रम करने को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है कि विवाद को दबाने के लिए रात के समय का चुनाव किया गया।

पुरानी घोषणाएं अधूरी, नई की तैयारी

भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों ने विधायक को पुरानी अधूरी घोषणाएं भी याद दिलाईं। न्यू कॉलोनी के नवयुग दुर्गा मंडल के लिए साल 2022-23 में सार्वजनिक मंच की घोषणा की गई थी, जो तीन साल बाद भी कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। इसके अलावा गांव में नल-जल योजना की बदहाली को लेकर भी लोगों ने जमकर विरोध दर्ज कराया। हालांकि, विधायक द्वारा जल्द काम शुरू कराने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

विपक्ष के तीखे वार: ‘विधायक को नियमों से ज्यादा वाहवाही की फिक्र

इस पूरे मामले पर सियासत भी गरमा गई है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मनोज मालवी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि विधायक ने नियमों और न्यायालय की मर्यादा को ताक पर रख दिया है। मालवी ने आरोप लगाया कि, “विधायक को सिर्फ अपनी वाहवाही लूटने की जल्दी है। जब मामला तहसील न्यायालय में विचाराधीन है, तो वहां सरकारी निर्माण का पत्थर कैसे रखा जा सकता है? यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।”

इनका कहना है

आमला सारणी विधानसभा क्षेत्रीय विधायक
डॉ योगेश पंडाग्रे
सामुदायिक भवन के लिए जो जगह तय की गई है, जो कि न्यायालय में विचाराधीन है वर्तमान में निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया है भवन निर्माण के लिए अन्य वैकल्पिक स्थान का चयन कर कार्य कराया जाएगा।”

इनका कहना है
राजस्व विभाग ग्राम पंचायत पटवारी
कमलेश ठाकरे
भूमि आबादी की है लेकिन मामला तहसील न्यायालय में विचाराधीन है जब तक न्यायालय का फैसला नहीं आ जाता वहां पर किसी भी निर्माण कार्य करना अनुचित होगा
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