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आमला। बोरदेही पंचायत में फर्जीवाड़े की गूंज सरपंच की सील-साइन कॉपी करने का आरोप, निष्पक्ष जांच न होने पर 48 घंटे में आमरण अनशन की चेतावनी
आमला । विकासखंड आमला की उप तहसील बोरदेही में ग्राम पंचायत की सील और साइन के कथित दुरुपयोग का मामला अब एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे फर्जीवाड़े के खिलाफ और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर स्थानीय जागरूक नागरिक संदीप वाईकर ने प्रशासन को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर मामले में उचित और कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे ग्राम पंचायत प्रांगण में ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
सरपंच ने खड़े किए सवाल, प्रारूप को बताया फर्जी
ग्राम पंचायत के पंच कमल सोनवार्स द्वारा जारी एक कथित प्रमाणीकरण पत्र है। इस पत्र के माध्यम से बाजार चौक स्थित एक गुमठी को पिछले 30 वर्षों से स्थायी रूप से संचालित होने का दावा किया गया था। साथ ही, पत्र में ग्राम पंचायत की ओर से स्थायी स्थान एवं पक्की दुकान निर्माण की अनुशंसा किए जाने का भी उल्लेख था। मामला तब गरमाया जब ग्राम पंचायत की सरपंच सरिता साहू ने इस प्रमाणीकरण पत्र पर तीखी आपत्ति जताई। सरपंच का साफ तौर पर कहना है कि जांच के दौरान जो प्रमाणीकरण पत्र सामने आया है, वह ग्राम पंचायत के आधिकारिक रिकॉर्ड और अधिकृत प्रारूप से बिल्कुल भी मेल नहीं खाता है। उनके इस बयान के बाद पंचायत के पंच पर सरपंच की फर्जी सील और जाली हस्ताक्षर तैयार कर उसका दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
48 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन की चेतावनी
शिकायतकर्ता संदीप वाईकर ने पंचायत प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटे के भीतर इस मामले में उचित और वैधानिक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे ग्राम पंचायत प्रांगण में ही आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। इस अनशन और उससे उत्पन्न होने वाली किसी भी विपरीत स्थिति की पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत शासन और स्थानीय प्रशासन की होगी।




