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33 केवी लाइन निर्माण में अवैध पेड़ कटाई का आरोप, किसान की शिकायत के बाद जांच की तैयारी
निजी खेत की शिकायत, मौके पर अन्य स्थानों पर भी कटे पेड़ दिखे; ठेकेदार ने कटाई से किया इनकार
भौंरा। भौंरा से गुरुगुंदा, कुसमेरी और बांका होते हुए शाहपुर तक बिछाई जा रही 33 केवी विद्युत लाइन के निर्माण कार्य को लेकर अवैध रूप से पेड़ काटे जाने के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में ग्राम बांकाखोदरी निवासी किसान राजेश रायपुरे ने राजस्व विभाग को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनके स्वयं के खेत खसरा नंबर 350 में बिना अनुमति 11 सागौन के पेड़ काट दिए गए।
शिकायतकर्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार
उनकी शिकायत केवल उनकी निजी भूमि में कटे पेड़ों को लेकर की गई है। हालांकि, लाइन मार्ग के निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि अन्य स्थानों पर भी, जिनमें शासकीय भूमि शामिल है, सागौन सहित स्थानीय प्रजातियों के अनेक पेड़ कटे हुए दिखाई दे रहे हैं। इन स्थानों को लेकर फिलहाल कोई अलग शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन मौके की स्थिति पेड़ कटाई की व्यापकता की ओर संकेत करती है।
किसान का कहना है कि उनके खेत में बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित सहमति के पेड़ काटे गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। कटे पेड़ों में तीन सागौन पेड़ काफी पुराने बताए गए हैं। किसान ने दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में शाहपुर तहसीलदार टी. विश्क ने बताया कि उन्हें किसान की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर जांच की जाएगी, जांच रिपोर्ट के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विद्युत विभाग की ओर से एमपीईबी के सहायक अभियंता (एई) गुप्ता ने बताया कि भौंरा क्षेत्र को अलग फीडर से जोड़ने के लिए 33 केवी लाइन डालने का कार्य ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा पेड़ काटे जाने की जानकारी विभाग को नहीं है।
इधर, कार्य कर रहे ठेकेदार अग्रवाल पावर हाउस, भोपाल के प्रतिनिधि विकास राठौड़ ने पेड़ कटाई के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि लाइन निर्माण के दौरान उनके द्वारा किसी भी पेड़ की कटाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि विद्युत लाइन के लिए केवल ऊपर से शाखाओं की छंटाई (ट्रिमिंग) की गई है, ताकि लाइन सुरक्षित रूप से डाली जा सके। ठेकेदार के अनुसार किसी भी पेड़ को जड़ से नहीं काटा गया है।
उल्लेखनीय है कि सागौन सहित अन्य वृक्षों की कटाई अथवा छंटाई के लिए भी संबंधित विभागों की अनुमति आवश्यक होती है। ऐसे में शिकायत और मौके की स्थिति के आधार पर की जाने वाली जांच में यह स्पष्ट होगा कि लाइन निर्माण कार्य के दौरान नियमों का पालन किया गया या नहीं।






