भारतीय थाली में आम का अचार सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि इसके पीछे सेहत का गहरा राज भी छुपा है। दादी-नानी के ज़माने से घरों में बनने वाला कच्चे आम का अचार, देसी मसालों और सरसों के तेल से तैयार किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, अगर आम का अचार सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए, तो यह पाचन तंत्र और आंतों के लिए अमृत समान साबित हो सकता है। आचार्य मनीष जी बताते हैं कि रोज़ थोड़ा-सा आम का अचार खाना शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है आम का अचार
आम के अचार में मौजूद खट्टापन पेट की अग्नि को तेज करता है। इससे भोजन जल्दी पचता है और गैस, अपच जैसी दिक्कतें कम होती हैं। अचार में डाली जाने वाली हींग, सौंफ और मेथी जैसे मसाले पाचन रस को सक्रिय करते हैं, जिससे आंतें सही ढंग से काम करती हैं।
आंतों की सेहत के लिए रामबाण
कच्चे आम और देसी मसालों से बना अचार आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। हल्दी और मेथी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स सूजन कम करते हैं और आंतों की सफाई में मदद करते हैं। इससे कब्ज की समस्या में भी राहत मिलती है।
विटामिन C से भरपूर देसी खजाना
कच्चे आम में भरपूर मात्रा में विटामिन C पाया जाता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। रोज़ थोड़ा आम का अचार खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और बार-बार सर्दी-खांसी होने का खतरा कम होता है।
ब्लड शुगर और वजन पर असर
बहुत कम लोग जानते हैं कि आम के अचार में डाली जाने वाली मेथी दाना ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है। साथ ही, अचार में मौजूद लाल मिर्च मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे फैट बर्न करने में सहायता मिलती है। कच्चा आम पेट भरा-भरा रखने का एहसास भी देता है।
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कितनी मात्रा में खाना है सही
आयुर्वेद के अनुसार, रोज़ 2 से 3 छोटे टुकड़े आम का अचार खाना फायदेमंद है। इसे सुबह या दोपहर के खाने के साथ लेना बेहतर माना जाता है। ज्यादा मात्रा में अचार खाने से गले में जलन, एसिडिटी और बीपी की समस्या हो सकती है, क्योंकि इसमें नमक ज्यादा होता है।





