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पाथाखेड़ा कोयला खदान के ठेका मजदूरों की मांगों को लेकर WCL प्रबंधन से हुई बैठक

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खबरवाणी

पाथाखेड़ा कोयला खदान के ठेका मजदूरों की मांगों को लेकर WCL प्रबंधन से हुई बैठक

वेतन कटौती पर टकराव बरकरार

पुलिस-प्रशासन तक पहुंचेगा मामला

मांगों के आश्वासन के बाद ठेका मजदूरों की हड़ताल समाप्त

खबरवाणी न्यूज़ रफीक

सारनी। पाथाखेड़ा कोयला खदान में कार्यरत ठेका मजदूरों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस से जुड़े मजदूर प्रतिनिधि प्रदीप नागले एवं संतोष देशमुख के नेतृत्व में ठेका मजदूरों का प्रतिनिधिमंडल WCL प्रबंधन से मिला। जीएम कार्यालय में आयोजित इस बैठक में एपीएम ललित तिर्की सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें मजदूरों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान ठेका मजदूरों की कई मांगों पर प्रबंधन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए ठेकेदारों से संबंधित अधिकांश मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। हालांकि, मजदूरों के वेतन से जुड़ा सबसे गंभीर मुद्दा बैठक में टकराव का कारण बना रहा। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रबंधन मजदूरों का पूरा वेतन उनके बैंक खातों में जमा करता है, लेकिन इसके बाद ठेकेदार मजदूरों से जबरन वेतन का एक हिस्सा वापस ले लेते हैं, जो सरासर शोषण है।
इस पर प्रबंधन ने जवाब देते हुए कहा कि उनका दायित्व केवल मजदूरों के खातों में पूरा भुगतान करना है। ठेकेदार द्वारा मजदूरों से पैसा वापस लेना प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह ठेकेदार व मजदूरों के बीच का आपसी मामला है। साथ ही प्रबंधन ने इस विषय में ठेकेदारों से बेहतर समन्वय बनाने की बात कही, लेकिन मजदूर प्रतिनिधियों ने इस जवाब को अपर्याप्त बताया।
बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने बाहर आकर ठेका मजदूरों से अपील की कि प्रबंधन द्वारा खातों में डाली गई राशि में से किसी भी स्थिति में ठेकेदारों को पैसा वापस न दिया जाए। प्रतिनिधियों ने कहा कि मजदूरों के मेहनत की कमाई पर किसी भी तरह की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी ऐलान किया कि पूरे मामले की सूचना सारनी थाना पुलिस को दी जा रही है। साथ ही आगामी कॉल (कार्यदिवस) को बैतूल जिले के एसपी, कलेक्टर एवं श्रम विभाग के अधिकारियों को भी लिखित रूप में अवगत कराया जाएगा, ताकि ठेकेदारों और मजदूरों के बीच वेतन कटौती को लेकर यदि कोई विवाद, दबाव या अनियमितता सामने आती है तो उस पर प्रशासन की सीधी निगरानी में कार्रवाई की जा सके।
प्रबंधन द्वारा मांगों पर विचार के आश्वासन और आगे कार्रवाई के भरोसे के बाद ठेका मजदूरों की चल रही हड़ताल को फिलहाल समाप्त करने का निर्णय लिया गया। हालांकि मजदूर प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि भविष्य में वेतन कटौती या शोषण का कोई भी मामला सामने आया तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और ठेकेदारों की होगी।

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