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Health : TB पर विजय प्राप्त करने वाले को किया सम्मानित        

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बैतूल – विश्व तपेदिक दिवस प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। इस वर्ष टीवी महा अभियान को हम एक कैंपेन के रूप में मनाने जा रहे हैं जो 24 मार्च से 24 अप्रैल तक जारी रहेगा, जो तपेदिक (टीबी) के वैश्विक महामारी और रोग को खत्म करने के प्रयासों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बनाने के लिए बनाया गया है। तथा उन सभी चुनौतियों के बारे में जागरूक करना जो हमारी टीबी उन्मूलन  की दिशा में बाधा गतिरोध उत्पन्न करती है।
यह वार्षिक घटना 1882 की तारीख को याद दिलाती है जब डॉ रॉबर्ट कोच ने माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैसिलस की खोज की जो तपेदिक (टीबी) का कारण है।


  डॉ राजेश अतुलकर द्वारा बताया गया कि 24 मार्च से 24 अप्रैल तक टीवी महा अभियान को एक कैंपियन के रूप में मनाया जा रहा है, 24 मार्च से 24 अप्रैल तक प्रत्येक गांव में टीवी के सर्वे का आयोजन किया गया है जमीनी स्तर की टीम और TB stls के माध्यम से टीवी का सर्वे किया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य है की जन समुदाय में टीवी लक्षण वाले रोगियों की पहचान कर उन्हें सही समय पर जांच एवं उपचार प्रदान करना और जन समुदाय में टीवी अवेयरनेस लेकर आना, चिचोली की समस्त हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से टीबी कैपियन का आयोजन शुभारंभ कर दिया गया है, बीईई अनिल कटारे तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता वरवड़े  द्वारा ग्राम पाठाखेड़ा में TB बीमारी को हराकर विजय पाने वाले बाबा सिक्का परते को पर जीत पर प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर अन्य लोगों को प्रेरित और उत्साहित किया गया। कैंपियन के तहत ग्रामीणों के साथ हारेगा टीवी जीतेगा देश के नारे लगाए गए ग्राम इमली ढाना पाथाखेड़ा वासियों ने आमजन से अपील की कि टीवी कैंपियन महा अभियान में हिस्सा लेने के लिए में टीवी के किसी भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपनी जांच हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर कराएं और अपनी जिम्मेदार नागरिक की जवाबदारी निभाए।कार्यक्रम में एनएम अनुराधा पवार, आशा कार्यकर्ता काशी नागले, बीपीएम ललिता राठौर बीसीएम विनीत आर्य एमटीएस पंकज डोंगरे एसीएलएस आशीष यादव जी का भरपूर सहयोग रहा।

  भारत में हर साल टीबी से मरने वालों की संख्या जानकर हैरान रह जाएंगे आप
चीन में टीबी संक्रमित मरीजों की संख्या भारत की एक तिहाई है जबकि चीन की आबादी भारत से ज्यादा है. सबसे ज्यादा टीबी के मरीज इंडोनेशिया में हैं. यहां टीबी मरीजों की संख्या 10.2 लाख है. वहीं फिलीपींस और पाकिस्तान में करीब 5 लाख से ऊपर टीबी मरीज हैं।

टीबी के 27.9 लाख मामलों, इस रोग से 42.3 लाख लोगों की मौत और प्रति 1,00,000 लोगों में 211 नए संक्रमणों के कारण भारत इस समय दुनिया में टीबी रोगियों की सबसे बड़ी संख्या वाला देश है.
देखा जाए तो पूरे विश्व में सबसे अधिक ट्यूबरक्लोसिस केसेस की संख्या हमारे भारत देश में है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार
2020  में, 14 मिलियन लोग टीबी से ग्रसित और 1.5 मिलियन लोगों की बीमारी से मृत्य के मुख में समाए हैं ।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम भारत सरकार की सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है जो इसके तपेदिक विरोधी प्रयासों का आयोजन करती है।  यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एक प्रमुख घटक के रूप में कार्य करता है और देश में तपेदिक विरोधी गतिविधियों के लिए तकनीकी और प्रबंधकीय नेतृत्व प्रदान करता है।  यद्यपि टीबी के जीवाणु शरीर में किसी भी अंग (जैसे, किडनी, लिम्फ नोड्स, हड्डियों, जोड़ों) को संक्रमित कर सकते हैं, यह रोग आमतौर पर फेफड़ों में होता है।  टीबी के लगभग 80% मामले फुफ्फुसीय या फेफड़े से संबंधित हैं। सीधी तौर पर  यह भी कहा जा सकता है बाल  दांत नाखून  को छोड़कर TB  शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है ।
 TB,के सामान्य लक्षण क्या है,
सामान्य लक्षणों में शामिल हैं: खांसी आना (जो हरे, पीले या खूनी बलगम के साथ 3 सप्ताह से अधिक समय तक रहता है) अच्छा महसूस न करना,
थकान,पसीना आना, बुखार,भूख न लगना, रात में पसीना, बिना कारण वज़न में बहुत ज़्यादा कमी होना,मांसपेशी का नुकसान,सांस फूलना,सांस लेने में परेशानी, सूजी हुई लसीका ग्रंथियां यानी लिम्फ़ नोड (छोटे बीज के आकार की ग्रंथियां जो पूरे शरीर में होती हैं), ठंड लगना। 
TB बचाव के लिए क्या किया जा सकता है
कम रोशनी वाली और गंदी जगहों पर न रहें और वहां जाने से परहेज करें।
साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें  घरों के अंदर रोशनदान  जरूर बनाएं ।
रुक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखें प्रोटीन युक्त आहार लें ।
बीड़ी तंबाकू सिगरेट जैसे अन्य मादक पदार्थों से परहेज करें ।
प्रतिदिन योगा व्यायाम श्वसन संबंधी प्राणायाम अवश्य करें । प्रतिदिन सुबह सूरज की रोशनी 15 से 20 मिनट अवश्य लें।
टीबी एक बेहद संक्रामक बीमारी है. इसका इलाज पूरी अवधि के लिए तय दवाएं सही समय पर लेने से इसे ठीक किया जा सकता है. ड्रग रेजीमैन या दवा के इस पूरे कोर्स को डॉट्स कहा जाता है और इसे संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) के तहत मुफ्त प्रदान किया जाता है।
किसी भी प्रकार के लक्षण स्पष्ट होने पर अपने नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर संपर्क करें और खखार की जांच कराएं।  

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