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शिक्षकों की तीन सूत्रीय मांगों को लेकर संयुक्त मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन
गांधी चौक पहुंचकर गांधी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, शासन से शीघ्र निराकरण की मांग
बुरहानपुर। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा प्रदेश के शिक्षकों की लंबित एवं महत्वपूर्ण मांगों के निराकरण को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से ज्ञापन सौंपा गया। मोर्चे के सदस्य गांधी चौक पहुंचे, जहां गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
ज्ञापन में बताया गया कि अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा लंबे समय से शिक्षकों की मांगों के निराकरण के लिए शासन का ध्यान आकर्षित कर रहा है। 27 सितंबर से भोपाल में संभागवार धरना देकर शिक्षक अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से शासन के समक्ष रख रहे हैं। संगठन के अनुसार, मांगों के संबंध में अभी तक अपेक्षित स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई है।
टीईटी से स्थायी छूट की मांग
मोर्चे ने मध्यप्रदेश शासन से केंद्र सरकार एवं संबंधित प्राधिकरण के समक्ष प्रभावी पहल करते हुए सेवारत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से स्थायी छूट दिलाने की दिशा में आवश्यक निर्णय एवं कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रथम नियुक्ति से सेवा लाभ देने की मांग
नवीन शैक्षणिक शिक्षकों की सेवाओं की गणना प्रथम नियुक्ति किए जाने की मांग रखी गई। इसके आधार पर पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण एवं अन्य पात्र सेवा लाभ प्रदान किए जाने की मांग की गई है।
अटेंडेंस व्यवस्था में व्यवहारिकता की मांग
शिक्षकों ने तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य नहीं किए जाने की मांग भी रखी। मोर्चे का कहना है कि शिक्षकों की वास्तविक परिस्थितियों और तकनीकी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए अटेंडेंस व्यवस्था में व्यवहारिक प्रावधान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए यथाशीघ्र उचित निर्णय लेने का अनुरोध किया गया। मोर्चे ने कहा कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आगामी समय में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को व्यापक रूप देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर संतोष दीक्षित, धर्मेंद्र चौकसे, अनिल, सतीश, प्रवीण, निर्मला वानखेड़े, संजना जाधव, नीता पाटिल सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।





