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कोयला खनन क्षेत्रों में जन-केंद्रित बदलाव को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित समुदाय के आर्थिक एवं सामाजिक विकास और वैकल्पिक आजीविका के अवसरों पर हुई चर्चा

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खबरवाणी

कोयला खनन क्षेत्रों में जन-केंद्रित बदलाव को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित
समुदाय के आर्थिक एवं सामाजिक विकास और वैकल्पिक आजीविका के अवसरों पर हुई चर्चा

खबरवाणी न्यूज़ रफीक

सारनी। कोयला खनन क्षेत्रों में समुदाय के आर्थिक एवं सामाजिक विकास तथा जन-केंद्रित परिवर्तन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) द्वारा शोभापुर ग्राम में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोयला खनन क्षेत्रों में समुदायों के विकास, स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा खनन क्षेत्रों के भविष्य को लेकर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत बैतूल के सीईओ गणेश कुमार जायसवाल रहे। कार्यक्रम में घोड़ाडोंगरी ब्लॉक सीईओ, WCL अधिकारी सचिन, TERI के पदाधिकारी मित्रा, सरपंच तथा शासकीय स्कूल शोभापुर के प्राचार्य सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बताया गया कि बैतूल जिले के कुछ कोयला खदानों को तकनीकी रूप से बंद किया जा चुका है, जबकि अन्य खदानें निकट भविष्य में बंद होने की स्थिति में हैं। खदान बंदी का प्रभाव केवल पर्यावरण और तकनीकी स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे रोजगार, घरेलू आय, स्थानीय व्यवसाय और खनन क्षेत्र के आसपास विकसित आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं।
TERI द्वारा आयोजित संवाद का उद्देश्य कोयला-निर्भर समुदायों में आर्थिक विविधीकरण को बढ़ावा देना और स्थानीय कौशल, संसाधनों एवं उद्यमशीलता का उपयोग करते हुए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। कार्यक्रम में सिलाई एवं कढ़ाई, सैनिटरी पैड यूनिट, बाम्बी क्राफ्ट, पैथर पाम, हैंडलूम तथा हेयर सेलून जैसे स्थानीय उद्यमों का भी उल्लेख किया गया, जो वैकल्पिक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।
संवाद कार्यक्रम में समुदाय के सदस्यों, उद्यमियों, श्रमिकों, स्थानीय संस्थाओं, सरकारी प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के बीच विचार-विमर्श किया गया। स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और पुलिस विभाग का भी कार्यक्रम में विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर जन-केंद्रित परिवर्तन को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कोयला खनन गतिविधियों में बदलाव के दौर में समुदायों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकें।

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