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कांग्रेस कर रही लोकतंत्र की मर्यादा को लांघने का काम राहुल गांधी और कांग्रेस एंटी बीजेपी नहीं एंटी नेशनल बाते करने में माहिर :- जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक

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खबरवाणी

कांग्रेस कर रही लोकतंत्र की मर्यादा को लांघने का काम
राहुल गांधी और कांग्रेस एंटी बीजेपी नहीं एंटी नेशनल बाते करने में माहिर :- जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक

नरसिंहपुर। भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाने पर अपनी बात रखते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं राजनैतिक असफलता का ठीकरा कांग्रेस और विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहा है। केबिनेट सेकेटरी को भेजे गये पत्र को लेकर भी विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया गया चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह पत्र किसी नीतिगत विषय अथवा एस.आई.आर. से संबंधित नही था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आये अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित आंतरिक मामला था। चुनाव आयोग को लेकर भ्रम फैलाने पर राहुल गांधी को माफी मांगकर स्तीफा देना चाहिए क्योंकि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के झूठ और भ्रम की राजनीति बेनकाब हो गई है। हर नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता में शामिल रहा है। राहुल गांधी और कांग्रेस एंटी बीजेपी नहीं एंटी नेशनल बातें करते हैं कांग्रेस लोकतंत्र की मर्यादा को बार बार लांघने का काम कर रही है। और कांग्रेस को आज आत्म मंथन करना चाहिए कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है। इसके साथ ही उन्होने कहा कि राहुल गांधी ने जिस मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग और एस.आई.आर. को लेकर सवाल खड़े किए चुनाव आयोग के स्पष्टिकरण के बाद उस रिपोर्ट की तथ्यात्मिकता पर भी सवाल खड़े हो गए। राजनैतिक दलों से अपेक्षा होती है कि वे किसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पूरी जांच करें उसके बाद आरोप लगायें किसी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाकर उसे देश की लोकतांत्रित व्यवस्था के खिलाफ उसे बड़े मुद्दे के रूप में प्रस्तुत करना अनुचित है। इसी तरह कांगं्रेस और राहुल गांधी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर जाकर भारतीय न्यायपालिका और लोकतंत्र को कटघरे में खड़ा करना अनुचित है। राजनैतिक दलों का यह फर्ज है कि वे देश की संवैधानिक संस्था के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करने की जिम्मेदारी निभायें। लेकिन कांग्रेस इसके उलट की कार्य कर रही है। एस.आई.आर.की प्रक्रिया के तहत फार्म 6 से जुड़े डिक्लरेशन को लेकर सवाल उठाये गये लेकिन दस्तावेज के अनुसार 24 मई 2026 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा फार्म 6 से जुड़े डिक्लरेशन को वैद्य ठहराया जा चुका है। फिर भी इसमें मनमाने बदलाव किए जाने का आरोप किस आधार पर लगाया जा रहा है। जब न्यायपालिका का निर्णय सामने है तो इस पर राजनैतिक आरोपो की बजाय न्याय प्रक्रिया और तथ्यों का सम्मान कांग्रेस द्वारा किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने सदैव संवैधानिक संस्थाओं पर लगाये प्रश्न चिन्ह:-

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा किसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये गये है। इसके पहले 2024 में ई.वी.एम. को ब्लैक बॉक्स बताकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाये थे। जैसे कि 2016-22 सेना का अपमान किया जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगना एवं खून की दलाली कहना और तवांग में झड़प पर सेना का मनोबल गिराना, कांग्रेस के प्रमुख कार्य रहे हैं। जबकि 2019 में देश के प्रधानमंत्री को लेकर चौकीदार चोर है के ब्यान को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बिना सर्त माफी मांगनी पड़ी थी। आज चुनाव आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है तब कंाग्रेस और राहुल गांधी भी देश के सामने स्पष्ट करें कि वे चुनाव आयोग के सर्वसम्मत निर्णय न्याय पालिका के निर्णय और देश की संवैधानिक संस्था पर विश्वास करते हैं कि नहीं।

कांग्रेस सत्ता से बाहर रहने के कारण बौखलाई हुई है इसलिए वह निंदनीय कृत्य कर रही है:-

लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी निर्णायक शक्ति राजनैतिक दलों के आरोप प्रत्यारोप के बीच जनता सभी घटनाक्रमों को नजदीक से देख रही है विपक्ष की भूमिका सरकार से सवाल पूछने की है लेकिन इसके साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा एवं सावैधानिक व्यवस्था को मजबूत बनाये रखने की जिम्मेदारी विपक्ष की है। भाजपा ने जनसंघ से लेकर आज तक देश हित एवं जनहित में सदैव लड़ती रही। आपालकाल के खिलाफ भी भाजपा खड़ी रही कांग्रेस सत्ता से बाहर रहने के कारण बौखलाई हुई है इसलिए वह इस तरह के लगातार निंदनीय कृत्य कर रही है। जनता उनके झूठ को बहुत करीब से देख रही है और अब उनका यह झूठ भी बेनकाब हुआ।

राहुल गांधी अपने ब्यान पर देश से माफी मांगे

देश के पात्र नागरिकों को मताधिकार देने और लोकतंत्र की शक्ति के लिए हम सभी चुनाव आयोग के साथ हैं जब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप भारत की चुनाव प्रणाली को अपनाने पर जोर दे रहें हैं ऐेसे में दुरभाग्य की बात है कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने ई.वी.एम. को ब्लैक बॉक्स और ई.डी. को ठगबंधन का करार दिया। उन्हें इस तरह के ब्यान पर माफी मांगना चाहिए एस.आई.आर. को लेकर राहुल गंाधी ने दो बार कोर्ट से मूंकि खाई है जिस प्रकार से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों को लेकर राहुल गांधी ने जो भ्रम फैलाने का कार्य किया है वह अक्षम है।
उक्त विज्ञप्ति की जानकारी देते हुए विधायक मीडिया प्रभारी वैभव नेमा ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं पर हमेशा प्रश्न चिन्ह लगाते हैं वह लगातार लोकतंत्र को कमजोर कर रहें है राजनैतिक असहमति लोकतंत्र का स्वभाविक हिस्सा है लेकिन असहमति के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तिओं के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। किसी बडे राजनैतिक परिवार में जन्म लेना किसी को भी किसी के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग का अधिकार नहीं देता।

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