Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन,डीजे पर बजे तेज आवाज में फूहड़ गाने

By
—
On:

खबरवाणी

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन,डीजे पर बजे तेज आवाज में फूहड़ गाने

खेत गए बापू,बाजार गई मॉं जैसे फुअड गाने बजे

मुलताई। नगर में गणेश जी के विसर्जन के दौरान शांति समिति की बैठक में लिए गए निर्णय एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों खुला उल्‍लंघन होता दिखाई दिया । विसर्जन के पुर्व मुलताई थाने में शांति समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि डीजे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा एवं फुहड़ फिल्‍मी गाने नही बजाए जाएंगें। वही सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्‍पष्‍ट निर्देश दिए गए है कि डीजे पुर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगे तथा रात्रि 10 बजे के किसी भी प्रकार के ध्‍वनि प्रसारक यंत्रो का उपयोग नही किया जाएगा। लेकिन पवित्र नगरी में शुक्रवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सभी नियमों की खुली धज्जियां उड़ाई गई । देर रात तक डीजे बजते रहे वही खेत गए बापू बाजार गई मॉं, चुम्‍मा चुम्‍मा दे दे,जैसे फुहड़ गानो पर लोग शराब के नशे में जमकर झुमते दिखाई दिए। इस दौरान एक बात और सामने आई कि डीजे की गाडियों पर नंबर प्‍लेट नही थी । उमेश डीजे बिरूल बाजार जो कि एक मिनी ट्रक पर चलाया जा रहा था जिस पर आगे या पीछे किसी भी तरफ कोई नबंर प्‍लेट नही थी। डीजे का साउंड नियमानुसार साउंड से बहुत अधिक था। बैतूल में गणेश उत्सव में तेज आवाज में बज रहे डीजे के कारण कालेज में अध्यन रत एक युवती की मौत होना बताया जा रहा है। गत वर्ष दुर्गा जी के विसर्जन के दौरान नागपुर रोड पर भी एक व्‍यक्ति का ब्रेन हेमरेज हुआ था जो कि लगभग 1 माह अस्‍पताल में भर्ती रहा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी कौन देता है डीजे बजाने की अनुमति

देश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बड़ा कोई प्रशासन या जनप्रतिनिधि का आदेश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा द्वारा डीजे पर पूर्ण रूपेण प्रतिबंध लगाया गया है जिसकी जानकारी प्रशासन को भी है, लेकिन उसके बाद भी इस तरह डीजे का खुलेआम बजना यह बताता है कि डीजे संचालको और आयोजनकर्ता को किसी का डर नही है, वहीं प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नही किया जाना प्रशासन की मौन स्‍वीकृति की ओर इशारा करता है। बुधवार को जनपद कार्यालय द्वारा इसका खुला उल्‍लंघन किया गया था। जिसकी जानकारी पुलिस विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई,जबकि उक्‍त डीजे वाहन को तत्‍काल जप्‍त किया जाना था। नेताओ के संरक्षण में इस तरह अपराध कर मानव जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है,जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करवाना पुलिस प्रशासन का कार्य है। लेकिन प्रशासन मौन नजारा देखता रहता है।

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News