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शहर से गांव तक घरेलू गैस सिलेंडरों का कथित व्यावसायिक उपयोग!
होटलों-ढाबों में घरेलू सिलेंडर उपभोक्ताओं का सवाल—20 से 25 दिन इंतजार के बाद मिलने वाला सिलेंडर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक कैसे पहुंच रहा?
बुरहानपुर। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों के कथित उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घरेलू श्रेणी के सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लेकिन यदि शिकायतों में तथ्य सामने आते हैं तो यह संबंधित विभाग के लिए गंभीर जांच का विषय हो सकता है।
घरेलू गैस सिलेंडर आम उपभोक्ताओं की रसोई की जरूरत के लिए उपलब्ध कराया जाता है। वहीं होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लागू नियमों के अनुसार गैस की व्यवस्था करनी होती है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि यदि कहीं घरेलू श्रेणी के सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग में लिए जा रहे हैं तो वे वहां तक किस माध्यम से पहुंच रहे हैं?
घरेलू उपभोक्ताओं को 20-25 दिन का इंतजार, फिर होटल-ढाबों में सिलेंडर कैसे?
उपभोक्ताओं के बीच सबसे बड़ा सवाल गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर है। सूत्रों के अनुसार घरेलू उपयोग के लिए सिलेंडर बुक कराने के बाद उपभोक्ताओं को 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ने की शिकायत है। ऐसे में लोगों का कहना है कि जब घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी रसोई के लिए सिलेंडर मिलने में समय लग रहा है, तो होटल और ढाबों में कथित रूप से घरेलू सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कैसे हो रहे हैं?
यह सवाल सीधे तौर पर किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने का आधार नहीं है। वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग द्वारा रिकॉर्ड की जांच और मौके पर निरीक्षण किए जाने के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
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स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि लोग आर्थिक लाभ के लिए घरेलू श्रेणी के सिलेंडरों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचा रहे हैं। लेकिन
यदि किसी प्रतिष्ठान में घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है या वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति या प्रतिष्ठान के विरुद्ध लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जांच जरूरी
मामला केवल शहर तक सीमित नहीं माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के होटल और ढाबों में भी घरेलू सिलेंडरों के कथित इस्तेमाल की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी और निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी है।
प्रशासन द्वारा शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी औचक निरीक्षण किया जाए तो यह पता चल सकता है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किस श्रेणी के सिलेंडर इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
सिलेंडर के साथ दस्तावेजों का भी हो सत्यापन
जांच के दौरान केवल सिलेंडर देखकर कार्रवाई करने के बजाय संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन भी जरूरी है। होटल या ढाबे में मौजूद सिलेंडर किस श्रेणी के हैं, वे कहां से खरीदे गए हैं, उनका बिल उपलब्ध है या नहीं और प्रतिष्ठान के पास वैध व्यावसायिक गैस व्यवस्था है या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जांच की जानी चाहिए।
यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिलता है तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।
गैस रिकॉर्ड की जांच से सामने आ सकती है पूरी तस्वीर
यदि घरेलू सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक उपयोग की शिकायतों की गंभीरता से जांच करनी है तो गैस वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल आवश्यक होगी। किन उपभोक्ताओं के नाम पर सिलेंडर बुक हुए, कब वितरित हुए और वितरण का रिकॉर्ड क्या है—इन बिंदुओं की जांच से किसी संभावित अनियमितता का पता लगाया जा सकता है।
हालांकि किसी उपभोक्ता को केवल संदेह के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। कार्रवाई हमेशा दस्तावेजी प्रमाण और सक्षम जांच के आधार पर ही होनी चाहिए।
क्या घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी तो नहीं?
जनता के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं घरेलू सिलेंडरों की अवैध बिक्री या अनुचित तरीके से व्यावसायिक उपयोग तो नहीं हो रहा। यदि ऐसी कोई गतिविधि सामने आती है तो संबंधित विभाग को लागू कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई करनी चाहिए।
इसके लिए संबंधित विभाग
उपभोक्ताओं के हित में पारदर्शी व्यवस्था जरूरी
घरेलू गैस सिलेंडर प्रत्येक परिवार की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा है। इसलिए इसकी वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिले और घरेलू श्रेणी के सिलेंडर का नियम विरुद्ध व्यावसायिक उपयोग न हो, इसके लिए नियमित निगरानी आवश्यक है।
यदि किसी होटल या ढाबे में वैध व्यावसायिक श्रेणी के सिलेंडर इस्तेमाल हो रहे हैं तो उसे स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड के आधार पर अलग किया जाना चाहिए। वहीं घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
अब विभाग की जांच का इंतजार
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सामने आ रही शिकायतों ने घरेलू गैस सिलेंडरों की व्यवस्था पर सवाल खड़े हैं। फिलहाल इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसलिए किसी व्यक्ति, या होटल-ढाबा संचालक को दोषी ठहराने के बजाय संबंधित विभाग को मौके पर जाकर जांच करनी चाहिए।
मुख्य सवाल यही है—जब घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए 20 से 25 दिन तक इंतजार करने की शिकायत है, तो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडर कथित रूप से कैसे पहुंच रहे हैं





