खबरवाणी
महाविद्यालय भवन के लिए आक्रोशीत छात्रों ने 4घंटे किया चक्का जाम
सवाददाता प्रदीप यादव भीमपुर
बड़ी खबर आदिवासी बाहुल्य विकाश खंड भीमपुर से जहाँ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वधान मे पिछले तीन वर्षों से भवन को तरसते छात्रों का गुस्सा सड़क पर आ गया ।
अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्र बिलख बिलख कर अपनी दास्ता बया कर रहे थे छात्र नेताओं का कहना था की भीमपुर में कहने को तो महाविद्यालय है पर शासन बता दे की चार कमरों में आठ सौ छात्रों की शैक्षिणिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकती हैं क्या
छात्रों का सड़क पर विरोध प्रदर्शन आखिर क्यों*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक देवेंद्र पांसे ने बताया की पिछले कई सालों से जब भी महाविद्यालय के भवन की मांग हमने की शासन ने सिर्फ हमें सांत्वना प्रदान की
हद तो अब हुई जब हमने खाली हुए उत्कृष्ट स्कूल के भवन की महाविद्यालय के लिए भवन की मांग की उसके पहले संवेदनशील कलेक्टर महोदय ने आननफानन में कन्या स्कूल के भवन को महाविद्यालय के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आवंटित कर दिया और फिर हमें लोलिपॉप बता कर नए नवेले आलीशान भवन की रहा ताकने को कह कर सांत्वना दे दी ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री सोनू विश्कर्मा ने बताया की हमने अनेको बार कलेक्टर महोदय, क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह चौहान, से महाविद्यालय की कक्षा सुचारू रुप से संचालित करने के लिए आ रही समस्याओं से अवगत कराया गया तो सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत कार्यकारणी सदस्य मयंक गोर्ले ने कहा की भीमपुर आदिवासी अंचल के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत पिछड़ा हुआ है पर यहां शासन ने महाविद्यालय की कक्षा संचालित कर इस क्षेत्र के विद्यार्थियों पर बहुत बड़ा उपकार किया है जो कबीले तारीफ है पर महाविद्यालय ही कक्ष विहीन है तो क्या विद्या अध्ययन किया जा सकता है हम अभी तक नए भवन की बाट जोहते रहे ।
माॅडल स्कूल में पांच कमरों में विद्या अध्ययन को मजबूर रहे की आज नहीं कल शासन सुध लेगा पर आज तक कुछ नहीं हुआ ।
*बड़े आंदोलन की दी चेतावनी*
छात्र नेताओं ने पंद्रह दिन का अल्टीमेटम शासन को भीमपुर तहसीलदार वसंत बरखनिया के माध्यम से दिया है और सचेत किया है की जल्द ही हमारी मांगे नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन होगा
*कांग्रेस को मिला बड़ा मुद्दा* ।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सियाराम यादव ने कहा की बीजेपी की सुपर पावर विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता जिससे निकल कर ग्राम जिला, प्रदेश और देश स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं पर आज वो भी सड़क पर अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहा है आज वो बेसहारा है क्योंकि इस देश में बीजेपी के राज में पढ़े लिखे हुए लोगों की कोई जरूरत नहीं है ।
इस आदिवासी बाहुल्य जिले की शान आदिम जाति कल्याण केंद्रीय मंत्री और सत्ता पर बैठी सरकार के मुखिया भी इसी जिले के होने के बावजूद आज यहां का छात्र विद्या अध्ययन के लिए तरस रहा है ।





