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ताप्ती मिल के 774कर्मचारियों की आवाज लेकर वस्त्र मंत्रालय की सचिव से मिले सांसद ज्ञानेश्वर

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खबरवाणी

ताप्ती मिल के 774कर्मचारियों की आवाज लेकर वस्त्र मंत्रालय की सचिव से मिले सांसद ज्ञानेश्वर

– कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात कर 10 माह के बकाया वेतन, करीब 5 वर्षों से लंबित बोनस के भुगतान और मिल को पुनः शुरू करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक विशेष आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराने की मांग

बुरहानपुर। बुरहानपुर की औद्योगिक पहचान और सैकड़ों श्रमिक परिवारों की आजीविका से जुड़ी ताप्ती मिल को पुनः शुरू कराने तथा कर्मचारियों की लंबित आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में बुधवार को सांसद श्री पाटील ने ताप्ती मिल कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली में वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव से मुलाकात कर मिल की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विस्तृत चर्चा की।सांसद ने अक्टूबर 2025 से जुलाई 2026 तक के 10 माह के बकाया वेतन तथा कोविड काल से करीब 5 वर्षों से लंबित बोनस का भुगतान कराने का आग्रह किया। साथ ही बुरहानपुर ताप्ती मिल को पुनः शुरू कर नियमित संचालन प्रारंभ करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक विशेष आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी।

*बंद है मिल का संचालन*

सांसद ने सचिव श्रीमती नीलम शमी राव के समक्ष ताप्ती मिल की स्थिति रखते हुए बताया कि नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन (एनटीसी) की बुरहानपुर ताप्ती मिल का उत्पादन कार्य 22 मार्च 2020 से बंद है। इसके बावजूद मिल की सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए अधिकारी, लिपिक, सुरक्षा कर्मी सहित आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। लंबे समय से वेतन और बोनस लंबित होने के कारण कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक परिस्थितियां बनी हुई हैं। कर्मचारियों के 10 माह के बकाया वेतन का भुगतान कराने के साथ ही करीब 5 वर्षों से लंबित बोनस का भुगतान भी आवश्यक है। इसके साथ ही मिल के भविष्य को सुरक्षित करने और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मिल को पुनः नियमित रूप से शुरू करना जरूरी है।

*सुरक्षा कर्मचारियों की समस्या भी उठाई*

सांसद ने ताप्ती मिल के सुरक्षा विभाग में कार्यरत 19 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की समस्या भी सचिव के समक्ष प्रमुखता से रखी। उन्होंने बताया कि मिल का उत्पादन बंद होने के बावजूद ये कर्मचारी नियमित रूप से तीनों शिफ्ट में अपनी सेवाएं देते हुए मिल की संपत्ति एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इन कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है तथा वर्तमान में करीब 10 माह का वेतन तथा करीब 5 वर्ष का बोनस बकाया है।

*प्रधानमंत्री से भी की थी मुलाकात*

ताप्ती मिल को पुनः शुरू कराने के लिए सांसद ज्ञानेश्वर पाटील लगातार प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मुलाकात कर ताप्ती मिल की वस्तुस्थिति से अवगत कराया था तथा मिल के पुनः संचालन के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। सांसद ने प्रधानमंत्री जी के समक्ष ताप्ती मिल को बुरहानपुर की औद्योगिक पहचान और श्रमिक परिवारों की आजीविका से जोड़ते हुए इसके पुनः संचालन की आवश्यकता रखी थी।

*सांसद की पहल के बाद जारी हुआ था दो माह का वेतन*

ताप्ती मिल कर्मचारियों के लंबित वेतन के मामले में सांसद श्री पाटील पहले भी वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्या को प्रमुखता से उठा चुके हैं। सांसद की पहल के बाद कर्मचारियों को दो माह का बकाया वेतन जारी हुआ था। वस्त्र मंत्रालय की सचिव ने सांसद एवं कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखी गई मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने ताप्ती मिल के कर्मचारियों की समस्याओं तथा मिल के पुनः संचालन से जुड़े विषयों पर आवश्यक सकारात्मक कदम उठाने का विश्वास दिलाया।

*कर्मचारियों के हित में लगातार प्रयासरत हैं*

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि ताप्ती मिल केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं है, बल्कि बुरहानपुर की औद्योगिक पहचान और अनेक श्रमिक परिवारों की आजीविका से जुड़ी हुई है। कर्मचारियों के लंबित वेतन एवं बोनस का भुगतान तथा मिल का पुनः नियमित संचालन उनकी प्राथमिकता है। ताप्ती मिल के 774 कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनका प्रयास है कि कर्मचारियों को लंबित वेतन और बोनस का भुगतान मिले तथा मिल को पुनः शुरू करने की दिशा में आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध हो।

*प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद*

वस्त्र मंत्रालय की सचिव से मुलाकात के दौरान ताप्ती मिल कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल में ज्योतिबा धड़स, विजय कारले, संतोष लहाने, दिनेश जाधव, राजेश सूर्यवंशी, पंकज पवार एवं गोलू ठाकुर मौजूद रहे।

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