खबरवाणी
आमला। शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही, 15 दिनों से ताला टूटने जैसी स्थिति; प्राथमिक शिक्षकों के भरोसे माध्यमिक के नौनिहाल
अंधेर नगरी-चौपट राजा शिक्षक विहीन हुआ नांदपुर माध्यमिक स्कूल, रोज मायूस होकर घर लौट रहे छात्र; सरपंच और पालकों ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
आमला। सरकारें हर साल ‘सब पढ़ें, सब बढ़ें’ का नारा देकर करोड़ों रुपये विज्ञापनों और बुनियादी ढांचे पर खर्च करती हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट और डराने वाली है। आमला ब्लॉक के ग्राम नांदपुर से शिक्षा विभाग की एक ऐसी ही शर्मनाक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां के एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला नांदपुर में पिछले लगभग 15 दिनों से पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ी है। स्कूल में मिडिल स्तर के शिक्षकों की पदस्थापना न होने के कारण रोजाना सुबह उम्मीद के साथ स्कूल पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को दोपहर में मायूस होकर अपने घर वापस लौटना पड़ रहा है।
प्राथमिक शाला के भरोसे माध्यमिक का ढर्रा
शाला परिसर की स्थिति इतनी बदहाल हो चुकी है कि माध्यमिक शाला की पूरी व्यवस्था अब प्राथमिक शाला के अध्यापकों के भरोसे जैसे-तैसे घिसट रही है। प्राथमिक स्तर के शिक्षकों पर पहले से ही अपनी कक्षाओं का बोझ है, ऐसे में वे माध्यमिक शाला के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में पूरी तरह असमर्थ हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की इस घोर अनदेखी के कारण गरीब ग्रामीण परिवारों के बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। नया सत्र शुरू हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन विभाग अब तक स्कूल में परमानेंट शिक्षकों की व्यवस्था नहीं कर पाया है।
सरपंच और पालकों का फूटा गुस्सा, सौंपा ज्ञापन
स्कूल की इस दुर्दशा और बच्चों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को लेकर अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। ब्लॉक मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत सरपंच शीला जगदीश सोनपुर एवं पालक संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश नरे के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण और पीड़ित पालक पहुंचे। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी कामिनी ठाकुर के नाम नायब तहसीलदार राजेश धड़ासे को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि स्कूल में शिक्षकों के न होने से बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है और इस लापरवाही को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसडीएम के नाम सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी कामिनी ठाकुर के नाम नायब तहसीलदार राजेश धड़ासे को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि नांदपुर माध्यमिक शाला में जल्द से जल्द योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो सके। पालकों और ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया और जल्द ही शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की गई, तो वे बच्चों के साथ सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इनका कहना है
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आमला
धर्मेन्द्र साहू
प्राथमिक शाला नांदपुर में अतिथि शिक्षक की नियुक्त किए गए थे लेकिन रिजाइन के संबंध में आपके माध्यम से आज जानकारी प्राप्त हुई है जल्द ही अध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी।





