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आमला कन्या कौशल शिविर। में निखरा बेटियों का आत्मविश्वास, 250 से अधिक बालिकाओं ने सीखा आत्मनिर्भरता का पाठ।
आमला क्षेत्र के ग्राम जम्बाड़ा में अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में एक दिवसीय ‘कन्या कौशल शिविर’ का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर में लगभग 250 किशोर वय बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी की और संस्कार, व्यक्तित्व विकास एवं आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
योग और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव।
शिविर का शुभारंभ प्रातः 8 बजे पंजीकरण के साथ हुआ, जिसके बाद
बालिकाओं को योग और प्राणायाम का विशेष अभ्यास कराया गया। गायत्री परिवार शाखा आमला की महिला योग प्रशिक्षकों—पुष्पा देशमुख, गौरी टिकारिया एवं ज्योति अतुलकर ने बालिकाओं को स्वस्थ जीवन शैली के गुर सिखाए। इसके उपरांत पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ के माध्यम से बालिकाओं को भारतीय संस्कृति, उच्च संस्कारों, सदाचार और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों ने दिए मार्गदर्शन के सूत्र
छिंदवाड़ा उपजोन से आई पांच सदस्यीय टोली ने पूरे दिन विभिन्न सत्रों के माध्यम से बालिकाओं का मार्गदर्शन किया। टोलीनायिका अनिता रावत, रत्ना डोंगरे, रवीता सूर्यवंशी, प्रोफेसर जागृति कावड़े एवं शिवानी पवार ने बालिकाओं को व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि आज के समय में बालिकाओं का सही दिशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर होना उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनिवार्य है।
संवाद और पुरस्कार से बढ़ा उत्साह
शिविर के दौरान बालिकाओं के साथ संवाद सत्र और प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन हुआ। सक्रिय रूप से भाग लेने वाली और सही उत्तर देने वाली बालिकाओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में गायत्री परिवार आमला के वरिष्ठ सदस्यों, गायत्री प्रज्ञा पीठ आमला के ट्रस्टीगणों, समन्वय समिति के सदस्यों और स्थानीय युवा परिजनों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन एन. डी. देशमुख द्वारा किया गया। गायत्री परिवार के बी. पी. धामोड़े, बी. आर. देशमुख और केशवराव दवंडे ने बताया कि शिविर के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर किए जाएंगे ताकि बेटियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाया जा सके।





