खबरवाणी
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, दिग्गज नेताओं की रही गरिमामय उपस्थिति
स्वतंत्र भारत के औद्योगिक विकास और राष्ट्रीय एकता के प्रणेता थे डॉ. मुखर्जी- मंत्री प्रह्लाद पटेल
नरसिंहपुर:- होटल सावित्री सिग्नेचर में श्रद्धेय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वी जयंती के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में केबिनेट मंत्री मध्य प्रदेश शासन प्रह्लाद सिंह पटेल एवं जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक, जिला प्रभारी शरद जैन, पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटैल, विधायक विश्वनाथ सिंह पटैल, महेन्द्र नागेश प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा उदय प्रताप कौरव जी,प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक स्मृति जैन, पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, पूर्व जिला अध्यक्ष महंत प्रीतम पुरी जिला महामंत्री सुरेंद्र मोहन नेमा की गरिमामय उपस्थिति में दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जिसमें सर्वप्रथम भाजपा जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए बताया कि भारत की एकता अखण्डता और राष्ट्रीय स्वभिमान के प्रखर प्रहरी महान शिक्षाविद् राष्ट्रवादी चिन्तक एवं जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डाॅ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और दृढ़संकल्प का अनुपम उदाहरण है उन्होने अपने विचारों और कार्यों से स्वतंत्र भारत की राजनीति को नई दिशा प्रदान की है तथा राष्ट्रहित की भावना को सदैव सर्वोपरि रखा है आज डाॅ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंति केवल उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करने का अवसर नही बल्कि राष्ट्रभक्ति एवं स्वशासन सांस्कृतिक चेतना एवं अखण्ड भारत के उनके आदर्शों को आत्मसात करने का प्रेरक अवसर पर है।
तेन्दूखेड़ा विधायक विश्वनाथ सिंह पटैल ने डाॅ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की एवं उसके संस्थापक के रूप में अपना बेहतर योगदान देते हुए जनसंघ को देश में एक सशक्त राष्ट्रवादी राजनैतिक विकल्प के रूप में पहचान दिलाई। डाॅ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जनसंघ की स्थापना का उद्देश्य सांस्कृतिक अस्मिता लोकतांत्रिक मूल्यों राष्ट्रवाद और अखंड भारत की भावना को सशक्त करना था। भारतीय जनता पार्टी जो आज देश की प्रमुख राजनैतिक शक्ति है उसमें डाॅ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान अतुलनीय है। उनका योगदान केवल एक राजनैतिक दल की स्थापना तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होने भारत की राष्ट्रवादी नीति को एक स्थाई वैचारिक आधार प्रदान किया।
मध्यप्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटैल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय राजनीति के उन महान राष्ट्र निर्माताओं में डाॅ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी का नाम मुख्य रूप से आता है जिन्हानें स्वतंत्र भारत की प्रारंभिक नीतियों ओर औद्योगिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वे स्वतंत्र भारत की पहली केन्द्रिय परिषद् में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में शामिल हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले डाॅ.मुखर्जी ने अपने कार्यकाल में देश को औद्योगिक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण पहल की। जब देश स्वतंत्रता के बाद आर्थिक चुनौतियों संसाधनों की कमी और औद्योगिक पिछडे पन से जूझ रहा था। ऐसे समय में डाॅ.मुखर्जी ने स्वदेशी उद्योंगों को प्रोत्साहन देने उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के विकास पर विशेष बल दिया। केन्द्रीय मंत्री मंडल महत्वपूर्ण सदस्य होने के बाद भी राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर उन्होंने कभी समझौता नही किया। 1950 में उन्होने नेहरू लियाकत समझौता में अपनी असहमति दर्ज कराते हुए अपने सिद्धांतों एवं राष्ट्रहित के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण देते हुए केन्द्रीय मंत्री मंडल से अपना स्तीफा दे दिया। आज उनकी जयंति पर राष्ट्र उन्हें ऐसे दूरदर्शी नेता के रूप में स्मरण करता है जिन्होंने स्वतंत्र भारत के उद्योगिक विकास राष्ट्रीय एकता और स्वभिमान को नई दिशा देने में अपना अमूल्य योगदान दिया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए विधायक मीडिया प्रभारी वैभव नेमा ने बतया कि मंच का संचालन जिला महामंत्री राहुल कौरव एवं आभार जिला उपाध्यक्ष मुकेश मरैया ने किया। कार्यकर्ता सम्मेलन में जिला पंचायत उपाध्यक्ष/सदस्य गण नगर पालिका अध्यक्ष उपाध्यक्षगण जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं मंडल महामंत्री गण पार्षद, सरपंच, जनपद सदस्य, एवं जिले की चारों विधानसभाओं से बड़ी संख्या में ज्येष्ठ, श्रेष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपनी सहभागिता दी।





