खबरवाणी
नजूल भूमि घोटाला……. आमला बस स्टैंड पर करोड़ों की सरकारी जमीन पर ‘सत्ता’ का कब्जा,
भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मुन्ना मालवीय पर अवैध कब्जे के गंभीर आरोप
आमला। दीनदयाल रसोई के सामने बेशकीमती जमीन पर तने अवैध शटर, शिकायत के बाद भी मेहरबान प्रशासन; राजस्व रिकॉर्ड खंगालने की मांग तेज
आमला। नगर के बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित करोड़ों रुपए मूल्य की नजूल भूमि को लेकर उठा विवाद एक बार फिर गरमा गया है। इस बार विवाद के केंद्र में भाजपा के कद्दावर नेता, पूर्व मंडल अध्यक्ष और संगठन में कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके मुन्ना मालवीय हैं। उन पर सरकारी जमीन को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे हैं।शिकायतकर्ता मंगल प्रजापति ने इस मामले की लिखित शिकायत करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि नगर के बस स्टैंड पर स्थित दीनदयाल रसोई के सामने सहित कई प्रमुख स्थानों पर नजूल भूमि पर अवैध रूप से कब्जा जमाया गया है। इतना ही नहीं, इस सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे शासन को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
राजनीतिक प्रभाव के कारण कार्रवाई नहीं होने का आरोप
शिकायतकर्ता मंगल प्रजापति का कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर उनका दावा वर्ष 1994-95 से बना हुआ है, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली राजनीतिक पहचान होने के कारण मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पाई। प्रजापति का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए, लेकिन हर बार मामला फाइलों में दबकर रह गया। उनका दावा है कि लगभग 1000 वर्गफीट भूमि पर उनका अधिकार बनता है, लेकिन वर्तमान में उस पर दूसरे व्यक्ति का कब्जा है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्व रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच हो जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
एक व्यक्ति के कब्जे में कई भूखंड होने पर उठे सवाल
मंगल प्रजापति ने आरोप लगाया कि मुन्ना मालवीय के कब्जे में बस स्टैंड क्षेत्र में तीन से चार अलग-अलग स्थानों पर नजूल भूमि है, जहां दुकानें और अन्य निर्माण किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि शासन के नियमों के अनुसार एक व्यक्ति को सीमित भूखंड का ही पट्टा दिया जा सकता है, ऐसे में एक ही व्यक्ति से जुड़े कई भूखंडों की स्थिति की जांच होना जरूरी है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि राजस्व विभाग संबंधित सभी पट्टों, नामांतरण और आवंटन की जांच कर सार्वजनिक रूप से जानकारी जारी करे। उनका कहना है कि यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो नियमों के तहत कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
करोड़ों की सरकारी जमीन पर निष्पक्ष जांच की मांग
बस स्टैंड क्षेत्र नगर का सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक इलाका माना जाता है, जहां भूमि की कीमत करोड़ों रुपए में आंकी जाती है। ऐसे में सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पूरे क्षेत्र का सर्वे कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि कौन-कौन से भूखंड नजूल भूमि हैं और उनका वास्तविक उपयोग क्या हो रहा है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर और राजस्व अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो वर्षों से लंबित विवाद का समाधान हो सकता है और सरकारी भूमि से जुड़े अन्य मामलों की भी सच्चाई सामने आ सकती है।
इनका कहना है
राजस्व निरीक्षक आमला सुनील वसूलेआमला में पदस्थ हुआ हूं तब से अभी तक उस भूमि की जांच नही की है पूर्व में रहे चुके पटवारी कमलेश जेशवाल इस बारे में जानकारी बता सकते है। उस भूमि पर पट्टा जारी नहीं हुआ है। मुन्ना मालवीय का उस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है।
इनका कहना है
शिकायकर्ता मंगल प्रजापति बस स्टैंड पर दीनदयाल रसोई के सामने मेरे द्वारा 1995 से भूमि पर कब्जा है। मुन्ना मालवीय ने नेतागिरी कर अवैध कब्जा कर रखा है मुन्ना मालवीय के पास भूमि का पट्टा नही है।
इनका कहना है
पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व कोषाध्यक्ष मुन्ना मालवीय बस स्टैंड पर रसोई के सामने की भूमि मेरी है मेरे पास उसका पट्टा है। आपको दस्तावेज दिखा सकता हु आप दुकान आ जाए एक पट्टा मेरे नाम से है एक पट्टा मेरी माता के नाम से है।





