आईपीएल 2026 अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है। प्लेऑफ की जंग 26 मई से शुरू होने वाली है। इस बीच पंजाब किंग्स के को-ओनर मोहित बर्मन ने विदेशी खिलाड़ियों की लेट एंट्री और अनुपलब्धता को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद कई स्टार खिलाड़ी शुरुआती मुकाबलों में टीम के साथ नहीं जुड़ते, जिससे फ्रेंचाइजी की पूरी प्लानिंग गड़बड़ा जाती है।
विदेशी खिलाड़ियों की लेट एंट्री ने बढ़ाई टेंशन
आईपीएल 2026 में कई बड़े विदेशी खिलाड़ी शुरुआती मैचों में अपनी टीम के लिए उपलब्ध नहीं रहे। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस और स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क जैसे खिलाड़ी टूर्नामेंट के बीच में आकर टीम से जुड़े। ऐसे में फ्रेंचाइजी को मजबूरी में अपनी प्लेइंग इलेवन बदलनी पड़ी।
पंजाब किंग्स के मालिक मोहित बर्मन का कहना है कि जब कोई खिलाड़ी आईपीएल ऑक्शन में बिकता है, तब उसकी पूरी उपलब्धता पहले से साफ होनी चाहिए। वरना टीम मैनेजमेंट को भारी नुकसान झेलना पड़ता है।
BCCI का ‘दो साल बैन’ वाला नियम क्या है?
बीसीसीआई ने पहले ही एक सख्त नियम लागू किया हुआ है। अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल ऑक्शन में बिकने के बाद जानबूझकर टूर्नामेंट से हटता है, तो उस पर दो साल का बैन लगाया जा सकता है। हालांकि चोट या मेडिकल कारणों में खिलाड़ियों को छूट मिलती है।
लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि जो खिलाड़ी आधे सीजन के बाद जुड़ते हैं, उनके लिए भी क्या कोई नया नियम बनना चाहिए? फैंस भी सोशल मीडिया पर यही सवाल उठा रहे हैं।
मोहित बर्मन बोले- “फ्रेंचाइजी की प्लानिंग खराब होती है”
मोहित बर्मन ने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट का कैलेंडर काफी बिजी रहता है और खिलाड़ियों की अपने देश की टीमों के प्रति जिम्मेदारी भी होती है। लेकिन इसके बावजूद आईपीएल जैसी बड़ी लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों को अपनी उपलब्धता को लेकर साफ-साफ बात करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी करोड़ों रुपये खर्च करके खिलाड़ियों को खरीदती हैं। ऐसे में अगर खिलाड़ी महत्वपूर्ण मैचों में उपलब्ध नहीं रहते, तो टीम का संतुलन बिगड़ जाता है। देसी भाषा में कहें तो टीम की पूरी “गाड़ी पटरी से उतर जाती है।”
दिल्ली कैपिटल्स के कोच भी हुए परेशान
दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमंग बदानी ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने खिलाड़ियों को रिलीज नहीं करता, तो कोई भी फ्रेंचाइजी या कोच कुछ नहीं कर सकता।
हेमंग बदानी ने साफ कहा कि भविष्य में इस समस्या का कोई पक्का हल निकालना जरूरी है, ताकि आईपीएल टीमों को बार-बार ऐसे हालात का सामना न करना पड़े।
IPL में विदेशी खिलाड़ियों पर फिर छिड़ी बहस
अब आईपीएल 2026 के आखिरी दौर में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता बड़ा मुद्दा बन चुकी है। कई फैंस का मानना है कि जो खिलाड़ी पूरे सीजन के लिए उपलब्ध नहीं रह सकते, उन्हें ऑक्शन में शामिल ही नहीं होना चाहिए।
वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि इंटरनेशनल क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बीच तालमेल बैठाना आसान नहीं है। लेकिन इतना तय है कि आने वाले समय में बीसीसीआई इस नियम को और सख्त बना सकती है, ताकि टीमों को बीच सीजन में “धक्का” ना लगे।
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