दिल्ली-NCR में एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG की कीमतों ने भी लोगों की जेब पर जोरदार वार किया है। सिर्फ 10 दिनों के भीतर तीसरी बार CNG के दाम बढ़ा दिए गए हैं। इससे ऑटो चालकों, कैब ड्राइवरों और रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लाखों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अब दिल्ली में CNG ₹81 के पार पहुंच चुकी है, जबकि नोएडा-गाजियाबाद में कीमतें ₹90 के करीब पहुंच गई हैं।
10 दिन में तीसरी बार बढ़े CNG के दाम
दिल्ली-NCR में CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। सबसे पहले 15 मई को ₹2 प्रति किलो का इजाफा किया गया। इसके बाद 18 मई को ₹1 और बढ़ा दिया गया। अब 23 मई को फिर से दाम बढ़ाकर जनता को बड़ा झटका दिया गया है। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। खासकर वे लोग जो रोजाना CNG गाड़ियों से सफर करते हैं, उनका मासिक खर्च काफी बढ़ गया है।
दिल्ली में ₹81 पार, नोएडा-गाजियाबाद में ₹90 के करीब पहुंची कीमत
नई दरों के मुताबिक अब दिल्ली में CNG की कीमत ₹81.09 प्रति किलो हो गई है। वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में यह बढ़कर ₹89.70 प्रति किलो तक पहुंच गई है। गुरुग्राम में भी कीमत ₹88 के पार चली गई है। सुबह से ही CNG पंपों पर नए रेट वाले बोर्ड लग गए हैं। ऐसे में NCR में सफर करना अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है।
आखिर क्यों बढ़ रही है CNG की कीमत?
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू गैस उत्पादन में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रहे ऊर्जा संकट के कारण गैस कंपनियों की लागत लगातार बढ़ रही है। कंपनियां अपने नुकसान की भरपाई करने के लिए धीरे-धीरे CNG के रेट बढ़ा रही हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में अगर हालात नहीं सुधरे, तो और बढ़ोतरी की आशंका भी बनी हुई है।
ऑटो, टैक्सी और Ola-Uber का किराया बढ़ना तय
CNG महंगी होने का सीधा असर अब आम यात्रियों पर दिखने वाला है। ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है। ऐसे में जल्द ही Ola, Uber और लोकल टैक्सी सेवाओं का सफर महंगा हो सकता है। रोज ऑफिस जाने वाले लोगों का मासिक ट्रैवल बजट बिगड़ सकता है। वहीं स्कूल वैन और लोकल ट्रांसपोर्ट के किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
सब्जियों और रोजमर्रा के सामान पर भी पड़ेगा असर
महंगी CNG का असर सिर्फ सफर तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली-NCR में आने वाली सब्जियां, फल और रोजमर्रा का सामान ज्यादातर CNG वाले कमर्शियल वाहनों से ढोया जाता है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से बाजार में सब्जियों और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। यानी अब महंगाई का डबल अटैक आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है।
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