8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों की सबसे बड़ी यूनियन National Federation of Indian Railwaymen ने सरकार के सामने जोरदार मांग रख दी है। उनका कहना है कि 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम सैलरी को सीधे ₹69,000 किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा सैलरी में घर चलाना मुश्किल हो गया है।
मौजूदा सैलरी में घर चलाना हुआ मुश्किल
इस समय रेलवे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी करीब ₹18,000 है, जो डीए मिलाकर लगभग ₹30,000 तक पहुंचती है। लेकिन बढ़ती महंगाई के दौर में इतना पैसा “न के बराबर” साबित हो रहा है। कर्मचारियों का साफ कहना है कि इतने में परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और मेडिकल खर्च संभालना मुश्किल है।
M. Raghavaiah ने उठाई आवाज
NFIR के महासचिव M. Raghavaiah ने कहा कि रेलवे कर्मचारी दिन-रात मेहनत करते हैं, चाहे त्योहार हो या छुट्टी—ड्यूटी हमेशा जारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के हिसाब से वेतन नहीं मिल रहा। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द 8वां वेतन आयोग लागू करना चाहिए।
कर्मचारियों की संख्या घटी, काम बढ़ा
NFIR के अनुसार पहले रेलवे में करीब 17 लाख कर्मचारी थे, जो अब घटकर 12.5 लाख रह गए हैं। वहीं ट्रेनों और ट्रैक की संख्या लगातार बढ़ी है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि कम स्टाफ पर ज्यादा काम का बोझ आ गया है। कर्मचारियों ने मांग की है कि नई भर्ती भी जल्द शुरू की जाए।
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OPS लागू करने की भी मांग
सिर्फ वेतन ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को भी फिर से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित भविष्य के लिए OPS जरूरी है। इससे कर्मचारियों को मानसिक शांति मिलेगी और उनका जीवन बेहतर होगा।






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