दिन की शुरुआत और तिथि की जानकारी
2 मई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से काफी खास रहने वाला है। इस दिन से ज्येष्ठ माह की शुरुआत हो रही है और साथ ही नारद जयंती भी मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, इस दिन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी जो रात तक जारी रहेगी। देसी मान्यता के हिसाब से ये दिन नए कामों की शुरुआत के लिए सोच-समझकर चुनना चाहिए।
सूर्योदय, चंद्रोदय और समय का महत्व
अगर आप रोज पूजा-पाठ या शुभ काम करते हैं तो टाइम जानना जरूरी है। इस दिन सूरज सुबह 05:40 बजे उगेगा और शाम को 06:57 बजे अस्त होगा। चंद्रमा का उदय शाम 07:50 बजे होगा। खास बात ये है कि इस दिन चंद्रास्त नहीं होगा। गांव-देहात में लोग इन समयों को देखकर ही अपने काम-काज सेट करते हैं।
नक्षत्र और योग की स्थिति
2 मई को विशाखा नक्षत्र रहेगा, जो सामान्य तौर पर ठीक-ठाक माना जाता है। दिन की शुरुआत व्यतिपात योग से होगी, जो रात 09:44 बजे तक रहेगा। देसी ज्योतिष में व्यतिपात योग को थोड़ा सावधानी वाला माना जाता है, इसलिए बड़े फैसले लेने से पहले सोच-विचार करना बेहतर रहेगा।
ग्रहों की चाल और राशियों पर असर
इस दिन ग्रहों की स्थिति भी काफी दिलचस्प है। सूर्य और बुध मेष राशि में रहेंगे, जिससे ऊर्जा और जोश बना रहेगा। शुक्र वृषभ में रहेगा, जो सुख-सुविधा बढ़ाने वाला माना जाता है। चंद्रमा तुला राशि में रहेगा, जिससे रिश्तों में संतुलन बना रहेगा। वहीं शनि और मंगल मीन राशि में साथ होंगे, जो थोड़ा भावुक और सोचने वाला माहौल बना सकते हैं। राहु कुम्भ में और केतु सिंह में रहेगा।
नारद जयंती का महत्व
इस दिन नारद जयंती भी मनाई जाती है। मान्यता है कि नारद मुनि भगवान के सबसे बड़े भक्त और संदेशवाहक थे। गांवों में इस दिन कथा-कीर्तन और भजन गाने की परंपरा है। लोग मानते हैं कि इस दिन भक्ति करने से मन शांत रहता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
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